करनाल जिले के स्वास्थय विभाग में एम्बुलेंस का टोटा.. मरीजों को नहीं मिल पाती समय पर सुविधा

करनाल, 22 जनवरी ( TSN)-जिले में स्वास्थ्य विभाग का एम्बुलेंस सेवाएं उपेक्षित की एक गंभीर समस्या सामने आ रही है। जिसमें पुराने वाहनों और कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों व उनके देखभालियों की सुरक्षा खतरे के घेरे में है।भले ही एम्बुलेंस रोगी की देखभाल और आपातकालीन प्रतिक्रिया में शामिल हैं, फिर भी उन्हें गंभीर परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।वहीं वाहनों की बिगड़ती हालत उन्हें किसी भी समय बेकार कर सकती है।आपात स्तिथि में खराब हो जाने वाली एम्बुलेंस किसी की भी मौ.त का कारण भी बन सकती है। एंबुलेंस के संचालन के लिए गाइडलाइन है कि या तो उन्हें पांच साल पूरे हो गए हों या तीन लाख कि0मी चल चुके हों। सरकार को प्रदेश भर में नई एम्बुलेंस शामिल करनी चाहिए क्योंकि सभी जिलों में स्थिति लगभग एक ही जैसी है।
जिले में कुल 29 एम्बुलेंस.. ये हैं स्थिति 
आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 29 एम्बुलेंस में से 18 ने पांच साल या 3 लाख किलोमीटर के अनुशंसित परिचालन जीवन को पार कर लिया है।चार-चार एम्बुलेंस कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज (केसीजीएमसी) और जिला नागरिक अस्पताल में तैनात हैं, जबकि अन्य दूरदराज के इलाकों में तैनात हैं, जिनमें असंध और नीलोखेड़ी के उप-मंडल अस्पतालों में एक-एक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में आठ एम्बुलेंस शामिल हैं और 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर तैनात है।  दु.र्घटना पीड़ितों व  प्रसव के बाद महिलाओं को उनके घर तक पहुंचाने से लेकर विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति इन एबुलेंस का अहम योगदान रहता है।
ड्राइवर के 90 स्वीकृत पदों में से 27 खाली 
एम्बुलेंस की इस प्रकार की स्थिति के अलावा, ड्राइवरों की भारी कमी संकट को ओर भी ज्यादा बढ़ा देती है। ड्राइवर के 90 स्वीकृत पदों में से 27 खाली हैं, और 54 आपातकालीन चिकित्सा अटेंडेंट (ईएमटी) पदों में से 17 भरे नहीं गए हैं।सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों की कमी के कारण ड्यूटी रोस्टर लागू नहीं किया जा सका और प्रत्येक एम्बुलेंस 24×7 उपलब्ध नहीं हो सके।24×7 सेवा प्रदान करने के सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए पूरे स्टाफ के साथ-साथ अच्छी स्थिति वाली एम्बुलेंस की भी आवश्यकता है।
इस प्रकार से हो रही अनदेखी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है।
सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर का कहना ये 
सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर ने कहा कि उन्होंने एम्बुलेंस की स्थिति और कर्मचारियों की संख्या के बारे में उच्च अधिकारियों को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है और उम्मीद है कि जल्द हालात में सुधार होगा।इस गंभीर विषय पर सरकार या विभाग की अनदेखी किसी की जिंदगी पर कभी भी भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह बार-बार पत्राचार के माध्यम से सरकार को इस समस्या से अवगत करवा रहे हैं। वहीं सरकार इस समस्या का समाधान करने में इतनी देरी क्यों लग रही है यह देखने वाली बात है।

Ekta TSN

rahulkash03@gmail.com http://www.thesummernews.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

राम मंदिर चंदा मामले पर भाजपा को घेरा, निष्पक्ष जांच की मांग, प्रदेश भाजपा बंटी हुई और मुद्दाविहीन

शिमला,संजू -:मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने राम मंदिर चंदा मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर हुए कथित चंदा घोटाले से देशभर के हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नरेश चौहान ने कहा कि प्रभु...

राम मंदिर का विरोध करने वाली कांग्रेस आज आस्था की राजनीति कर रही, जनता सब जानती है : कंगना रनौत

शिमला-;मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस पर राम मंदिर और धार्मिक आस्था के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने लंबे समय तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया,वही अब राजनीतिक लाभ के लिए इस विषय को उठाने का प्रयास कर रही है।उनके अनुसार, देश और...

उपराष्ट्रपति के शिमला दौरे की तैयारियां तेज, जिला प्रशासन ने विभागों को दिए जरूरी निर्देश

शिमला-:भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन के 10 जुलाई को प्रस्तावित शिमला दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।इसी क्रम में बुधवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में उपराष्ट्रपति के दौरे को सुरक्षित,व्यवस्थित और प्रोटोकॉल...

मानसून में कांगड़ा के ट्रैकिंग रूटों पर सुरक्षा बढ़ी, बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी एंट्री

धर्मशाला,राहुल-:मानसून के दौरान कांगड़ा जिले के प्रमुख ट्रैकिंग मार्गों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।अब जिले के 10 प्रमुख ट्रैकिंग रूटों पर बिना पंजीकरण किसी भी ट्रैकर को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।इसके लिए विभिन्न स्थानों...

मानसून के चलते ऊना में 30 सितंबर तक निजी निर्माण के लिए पहाड़ी कटान पर रोक

ऊना,राकेश-:मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ऊना ने 30 सितंबर तक निजी विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए किसी भी प्रकार के पहाड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल द्वारा जारी आदेश...

NE

News Elementor

We bring you fast, clear, and credible news that cuts through the noise. From breaking headlines to stories that matter, count on us for smart, engaging coverage every day.

Stay informed. Stay curious. Stay with The Summer News.

Popular Categories

Must Read

Copyright © 2025 Summer News Network Pvt. Ltd.