लुधियाना | पंजाब सरकार द्वारा नशे के ख़िलाफ़ छेड़ी गई “नशों के खिलाफ युद्ध” नामक मुहिम को पूरे राज्य में एक निर्णायक लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर करना और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाना है।
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह मुहिम पंजाब में नशे की बीमारी के खिलाफ एक निर्णायक कदम साबित होगी। सरकार पूरी ताकत के साथ इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। इस सिलसिले में ज़िला लुधियाना में पिंड (गाँव) और वार्ड स्तर की रक्षा कमेटियों के साथ एक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें नशे के विरुद्ध सामूहिक जागरूकता और कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि “नशा मुक्ति यात्रा” को हर गाँव और हर वार्ड तक ले जाकर इसे एक जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। इस यात्रा का मकसद है नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवा पीढ़ी को इस दलदल से बाहर निकालना।
विधायक अशोक पराशर पप्पी ने सख्त संदेश देते हुए कहा:”नशे के सौदागर या तो नशा छोड़ दें या फिर पंजाब छोड़ दें।” सरकार का मानना है कि जब तक समाज स्वयं इस लड़ाई में हिस्सा नहीं लेगा, तब तक नशे को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसलिए यह अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं बल्कि जन भागीदारी से चलाया जाएगा।
