Mohali, 26 January-:सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमामय, अनुशासित और देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता, संविधान की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को केंद्र में रखते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विश्वविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
इस विशेष समारोह में कर्नल दलजीत सिंह चीमा (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके गौरवशाली सैन्य जीवन और राष्ट्रसेवा के अनुभवों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बना दिया। अपने संबोधन में उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल पारंपरिक ध्वजारोहण के साथ हुई। ठंडे मौसम के बीच जब तिरंगा लहराया गया, तो पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। इसके उपरांत राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिसमें शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर भाग लिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत भव्य परेड रही। अनुशासित कदमताल, सटीक ड्रिल और एकरूप पंक्तियों के माध्यम से कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उनकी परेड को उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ सराहा।कार्यक्रम के दौरान भारत की स्वतंत्रता से लेकर एक सशक्त संवैधानिक गणराज्य बनने की यात्रा को भी स्मरण किया गया। वक्ताओं ने संविधान में निहित समानता, न्याय और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।समापन अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवन में उतारने और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। यह आयोजन सभी उपस्थित लोगों में देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत कर गया।
