दिल्ली (एकता): नवरात्रि का त्योहार 15 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। यह भारत के प्रमुख त्योहारों में एक हैं, यह मुख्य रूप से हिंदू पर्व है। हर साल भक्त इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इनके शुरू होने से पहले ही भक्तों को धार्मिक जगहों पर जाने के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। अब वैष्णो देवी के लिए ‘नवरात्रि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन’ चलेगी। रेलवे ने यात्रियों को यह सुविधा दी है। रेलगाड़ी संख्या 04049/04050 नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-नई दिल्ली आरक्षित स्पेशल रेलगाड़ी कुल 26 फेरे लगाएगी। इसके अलावा 01654/01653 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-वाराणसी-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा स्पेशल रेलगाड़ी 12 फेरे लगाएगी।

इस दिन से शुरू होंगे नवरात्रि
खास बात यह है कि यह ट्रेन वैष्णो देवी के लिए 16 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच हर सोमवार और शनिवार को रवाना होगी। यह नई दिल्ली से रात के 11:30 बजे चलेगी। वापसी में रेलगाड़ी संख्या 04050 17 अक्तूबर से 1 दिसंबर के बीच हर मंगलवार और रविवार को यात्रियों के लिए रवाना होगी। कटड़ा से यह रेलगाड़ी 6:30 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 6:25 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन हर स्टेशन पर रूकेगी। इसके अलावा एक ट्रेन 01654 वैष्णो देवी कटड़ा-वाराणसी स्पेशल 22 अक्तूबर से 26 नवंबर तक रविवार को चलेगी। वापसी वाराणसी-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल 24 अक्तूबर से 28 नवंबर तक सुबह 6.20 बजे ही चलेगी। यह सुविधा यात्रियों को नवरात्रि में ही मिलेगी। इससे यात्रियों को काफी माता के दर्शनों के लिए काफी आसानी होगी। हर साल वैष्णो देवी में लाखों लोग दर्शनों के लिए दूर-दूर से आते हैं।

जानें वैष्णो देवी का इतिहास
मान्यता है कि माता वैष्णो देवी ने त्रेता युग में माता पार्वती, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में मानव जाति के कल्याण के लिए एक सुंदर राजकुमारी का अवतार लिया था। उन्होंने त्रिकुटा पर्वत पर तपस्या की थी। बाद में उनका शरीर तीन दिव्य ऊर्जाओं महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के सूक्ष्म रूप में विलीन हो गया।

मां वैष्णो देवी की चढ़ाई में कितना समय लगता है?
वैष्णो देवी की कटरा से भवन तक की 12–13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई में 4-5 घंटे का समय लगता है। हालांकि आप घोड़े पर जाने से बिना अर्ध कुमारी दर्शन के सीधे इतने समय में पहुंच सकते हैं। इसके बाद भीड़ के हिसाब से आपको जो दर्शन के लिए 1 से 3 घंटे तक का समय लगेगा वो अलग है।

