नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों को सुगम सेवा देना और टिकट दलालों की गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण रखना है। यह नई प्रणाली रेल मंत्रालय के वाणिज्यिक परिपत्र संख्या 08/2025 के तहत दो चरणों में लागू की जाएगी।
पहला चरण: 1 जुलाई 2025 से लागू
इस तारीख से आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। हर यूज़र का खाता आधार नंबर से जुड़ा होना जरूरी होगा। इससे फर्जी आईडी और बॉट के ज़रिए टिकट बुकिंग की संभावनाएं खत्म होंगी।
दूसरा चरण: 15 जुलाई 2025 से लागू
अब टिकट बुक करते समय यूज़र के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जिसे दर्ज करना अनिवार्य होगा। इस दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली (आधार + OTP) से केवल सत्यापित व्यक्ति ही तत्काल टिकट बुक कर पाएगा।
एजेंटों के लिए सख्त नियम
15 जुलाई से अधिकृत और आईआरसीटीसी एजेंटों को भी यात्री के मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP को सिस्टम में दर्ज करना होगा। इससे टिकट दलालों द्वारा बड़े पैमाने पर की जाने वाली अनधिकृत बुकिंग पर पूरी तरह रोक लग सकेगी।
रेलवे का दावा: पारदर्शिता और सुविधा को मिलेगी बढ़त
पठानकोट रेलवे के कमर्शियल इंस्पेक्टर सुरिंद्र कुमार ने बताया कि इन बदलावों से आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी और तत्काल बुकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि यह कदम यात्रियों के हित में एक बड़ा सुधार साबित होगा।
