शिमला ,संजू-:शिमला में गुरुवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन के बाद पहली कार्यसमिति बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में बुलाई गई, जिसमें संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।
बैठक में शामिल होने के लिए हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल शिमला पहुंचीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच तालमेल को मजबूत करना है, ताकि पार्टी और सरकार दोनों स्तरों पर कार्य प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और नेताओं की जो भी शिकायतें हैं, उन्हें भी बैठक में उठाया जाएगा और सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित अन्य मंत्री दोपहर बाद शामिल हुए। इस दौरान संगठनात्मक मुद्दों और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी विस्तृत चर्चा की संभावना जताई गई।रजनी पाटिल ने संगठन में लंबित नियुक्तियों के मुद्दे पर कहा कि रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा और इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही नियुक्तियों को लेकर सकारात्मक खबर सामने आएगी।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा की नाराजगी और उनके भाजपा में जाने की अटकलों पर भी रजनी पाटिल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं और कांग्रेस के साथ ही बने रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी हाल ही में आनंद शर्मा से मुलाकात हुई है, जिसमें सकारात्मक बातचीत हुई।
रजनी पाटिल ने कहा कि किसी भी संगठन में कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच कभी-कभी असंतोष होना स्वाभाविक है, लेकिन इससे पार्टी की एकजुटता पर कोई असर नहीं पड़ता।इसके अलावा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन इसके लिए पहले जनगणना और परिसीमन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर जल्दबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।बैठक को हिमाचल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संगठनात्मक मजबूती, सरकार के साथ तालमेल और आगामी रणनीति को लेकर दिशा तय की जा रही है।
