शिमला, संजू -: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा पर चुनावी नतीजों को लेकर भ्रामक माहौल बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा मीडिया के जरिए अपनी जीत का प्रचार कर रही है, जबकि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
नरेश चौहान ने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस को मिले फीडबैक के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पंचायत चुनावों में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत समितियों और जिला परिषद चुनावों में भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जनता का अच्छा समर्थन प्राप्त होने की संभावना है। उनके अनुसार मतदाताओं का रुझान विकास और जनहित के मुद्दों के आधार पर कांग्रेस की ओर दिखाई दे रहा है।पर्यटन क्षेत्र को लेकर चौहान ने कहा कि वर्ष 2023 और उसके बाद आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण हिमाचल के पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। हालांकि अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।उन्होंने बताया कि शिमला, मनाली, धर्मशाला, पालमपुर, डलहौजी और कसौली जैसे पर्यटन केंद्रों में फिर से रौनक लौट रही है।उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांगड़ा को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है।अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हेलीपोर्ट निर्माण और एशियाई विकास बैंक के सहयोग से संचालित पर्यटन विकास योजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सहायक साबित होंगी।
नरेश चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति में किए गए संशोधन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे युवाओं और स्थानीय परिवारों के लिए नए रोजगार अवसर पैदा होंगे।सीमावर्ती व्यापार के विषय में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से तिब्बत के साथ पारंपरिक व्यापार को पुनर्जीवित करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। इससे सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।एसआईआर और यूसीसी जैसे मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति को लागू करते समय सभी वर्गों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए तथा समाज को बांटने वाली राजनीति से बचना आवश्यक है।
