इंदौरा,कांगड़ा-:तकनीकी शिक्षा, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अर्नी विश्वविद्यालय, इंदौरा ने कर्नाटक की प्रतिष्ठित सिरेना टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं रोबोटिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की है। यह पहल क्षेत्र के युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने तथा उन्हें वैश्विक रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
सभी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मिलेगा AI एवं Python का प्रशिक्षण
विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित यह सेंटर लगभग 150 किलोमीटर के दायरे में अपनी तरह की पहली और अनूठी पहल है, जहां विद्यार्थियों को AI, Machine Learning, Robotics, Data Science, Natural Language Processing (NLP), Python Programming, Automation एवं अन्य उभरती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थियों को लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपोज़र, रिसर्च, इंटर्नशिप तथा स्टार्टअप विकास के अवसर भी उपलब्ध होंगे।इस संबंध में हुए एमओयू पर अर्नी विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव तथा सिरेना टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक आकांक्षा आनंद ने हस्ताक्षर किए। यह सहयोग “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने की दिशा में युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का कार्य करेगा।अर्नी विश्वविद्यालय ने एक और दूरदर्शी निर्णय लेते हुए AI एवं Python आधारित मॉड्यूल को लगभग सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों से जोड़ने का निर्णय लिया है, ताकि विधि, फार्मेसी, कृषि, प्रबंधन, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, विज्ञान एवं अन्य विषयों के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीकी कौशल प्राप्त कर सकें। विश्वविद्यालय का मानना है कि आने वाले समय में AI की समझ प्रत्येक क्षेत्र के लिए आवश्यक होगी और यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करेगी।
इस अवसर पर कुलाधिपति डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि अर्नी विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा,“AI और रोबोटिक्स आने वाले समय की सबसे प्रभावशाली तकनीकें हैं। हमारा प्रयास है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को महानगरों में जाए बिना विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। यह सेंटर विद्यार्थियों में नई सोच, नवाचार, शोध एवं उद्यमिता की भावना विकसित करेगा तथा उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।”उन्होंने कहा कि यह सेंटर विद्यार्थियों की स्किल डेवलपमेंट, प्लेसमेंट, रिसर्च, स्टार्टअप संस्कृति एवं उद्योग से जुड़ाव को मजबूत करेगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य क्षेत्र के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।अर्नी विश्वविद्यालय की यह पहल शिक्षा, उद्योग एवं तकनीक के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी और क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर, नई सोच और नए भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।
