सिरसा- योग्यता के आधार पर नौकरी मनोहर सरकार का नारा है। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने ग्रुप सी का परिणाम घोषित किया तो यह नारा सिरसा जिला के लिए वरदान के रूप में साबित हो गया है। मंडी डबवाली के रिसालियाखेड़ा गांव के 40 से ज्यादा युवाओं का एक साथ चयन हुआ है। चयनित युवाओं का कहना है कि खर्ची-पर्ची का नियम चलता तो वे कभी चयनित नहीं होते थे। जानकारी के अनुसार हर सरकारी नौकरी की भर्ती में हर बार सबसे ज्यादा भर्ती सिरसा जिला में गांव रिसालियाखेड़ा से ही युवा होते है जिनका जिक्र मुख्यमंत्री खुद अपने भाषणों में बिना पर्ची बिना खर्ची नौकरी पाने वाले इस गांव के युवाओं को लेकर कर चुके है।
रिसालियाखेड़ा में सरकार ने बिना खर्ची, बिना पर्ची के योग्य युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था। आज जब ग्रुप सी का परिणाम आया तो यह बात साफ हो गई। गांव में चयनित हुए 90 प्रतिशत युवा ऐसे हैं, जो गरीबी रेखा से नीेच जीवन यापन कर रहे थे। उनके पास खर्ची तो दूर की बात सिफारिश तक नहीं थी। ऐसे युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना गांव के लिए गर्व की बात है।
वहीं रिसालियाखेड़ा के नजदीकी गांव रामगढ़ में आठ, दारेवाला में 7 बिज्जूवाली में 8 समेत दर्जनों गांवों के युवाओं को नौकरी मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि सिफरिश का समय गया। नहीं तो लोग गट्टे में पर्ची डाल के लग जाते थे। आज भी वो समय होता तो कभी भी योग्यता का नंबर नहीं आना था।
लाइब्रेरी का फायदा मिला
वहीं चयनित युवाओं ने बताया कि वे सुबह शाम रात को मन लगा पढ़ाई करते है सफलता में लाइब्रेरी का काफी योगदान रहा। उसने आनलाइन क्लासिज अटेंड की। इसका फायदा मिला। उसके पास सिफारिश या नौकरी के लिए खर्ची देने का माध्यम नहीं था। बिना खर्ची, बिना पर्ची उसे नौकरी मिली है।
