जींद : चन्द्रिका ( TSN)- : जिला में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। अबतक जिले में तीन लोगों की मौ*त भी स्वाइन फ्लू से हो चुकी है। वहीं अबतक ग्यारह लोगों की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आ चुकी है। नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू के सैंपल लिए जाते हैं और उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब में जांच की जाती है। अबतक स्वास्थ्य विभाग 100 से अधिक लोगों के सैंपल ले चुका है।
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जिले में 2009 में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दी थी। उस समय 50 लोग स्वाइन फ्लू के मरीज मिले थे। इनमें से तीन की मौ*त भी हुई थी। इसके बाद 2015 में फिर स्वाइन फ्लू की दस्तक जींद में हुई। 2015 में स्वाइन फ्लू ने चार लोगों की जान ले ली थी। वहीं 70 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अब एक बार फिर से स्वाइन फ्लू ने जिले में दस्तक दी है। अब तक नौ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पोंकरीखेड़ी, गुलकनी, बहादुरपुर, रजाना कलां, दनौदा आदि गांवों में स्वाइन फ्लू के केस मिले हैं। अब तक स्वाइन फ्लू के कारण दो लोगों की मौ*त भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के सैंपल लेना शुरू कर दिया है। जिन लोगों की मौ*त स्वाइन फ्लू से हुई हैए वह पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त थे।
कोरोना जैसे लक्षण
एच-1एन-1 के कारण होने वाले फ्लू के लक्षण जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है। इसमें बुखार हो सकता है, जो हमेशा नहीं रहता। मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और पसीना आना, खांसी,ए गला खराब होना, नाक का बहना, पानीदार व लाल आंखें, आंखों में दर्द, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान व कमजोरी इसके लक्षण हैं। कई बार पेट में दर्द के साथ उल्टी या दस्त भी लग सकते हैं। स्वाइन फ्लू के अधिकतर लक्षण कोरोना जैसे ही होते हैं।
यह हैं बचाव के उपाय
स्वाइन फ्लू एच-1एन-1 एक वायरस है। यह हमेशा किसी दूसरे व्यक्ति से लगता है। पहले यह पशु व पक्षियों में होता था लेकिन 2009 में यह मनुष्य तक पहुंच गया। यह नाक, गले और फेफड़ों की कोशिकाओं को संक्रमित करता है। जब वायरस से पीडि़त कोई व्यक्ति खांसता है, छींकता है, सांस लेता है या बात करता है तो वायरस हवा में निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैलता है। दो वर्ष से कम आयु के बच्चों व 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए यह बहुत खतरनाक है। यह अपने आप ठीक होने वाला रोग। इसमें किसी दूसरे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए। भीड़ से दूर रहना चाहिए। खांसते व छींकते समय मुंह पर कपड़ा लगाना चाहिए और मास्क जरूर पहनना चाहिए।
अस्पताल में स्पेशल वार्ड किया जा रहा तैयार : डा. बिजेंद्र
नागरिक अस्पताल के संक्रमण डिप्टी सविल सर्जन डा. बिजेंद्र ढांडा ने बताया कि संभावित लक्षण वाले मरीजों के सैंपल करवाकर उनकी जांच करवाई जा रही है। अस्पताल में स्पेशल वार्ड तैयार किया जा रहा है। लोगों को मास्क लगाना चाहिए और कोरोना जैसी गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। जिले में अब तक ग्यारह लोगों की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आ चुकी है और तीन की मौ*त हो चुकी है। जिन लोगों की मौत हुई है, वह पहले ही गंभीर बीमारियों से पीडि़त थे।
