Shimla,7 August-हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिले केंद्र की निधियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। संसद में नियम 377 के तहत इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल उच्च न्यायालय ने 2024-25 में एनएचएम के लिए आवंटित ₹521 करोड़ की राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार का हलफनामा तक यह दर्शाने में विफल रहा कि धन का उपयोग ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुधारने में किया गया। उन्होंने कहा कि यह कोई एकमात्र मामला नहीं है। प्रदेश के 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब भी डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि हाल ही में केवल 11 नियुक्तियाँ हुईं और भारी पैमाने पर तबादले किए गए।उन्होंने अप्रैल 2025 में उजागर हुए 400 करोड़ रुपये के ‘आयुष्मान-हिमकेयर’ घोटाले का भी उल्लेख किया, जिसमें फर्जी दावे और डेटा चोरी जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे। उन्होंने इसे जनता के स्वास्थ्य अधिकारों का हनन और केंद्र की योजनाओं का अपमान बताया।
अनुराग ठाकुर ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह हिमाचल प्रदेश में चल रही सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं का व्यापक ऑडिट कराए,ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके।उन्होंने कहा कि,“आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के लक्ष्य तभी पूरे होंगे जब राज्य सरकार पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करे।हिमाचल की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की हकदार है और इस तरह की अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।”
