Shimla,Sanju(TSN)-सोमवार को संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के की जयंती के मौक़े पर शिमला में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया.इस कार्यक्रम में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की.उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ.धनी राम शांडिल भी मौजूद रहे बाबा साहेब के जन्मदिन के मौक़े पर केक भी काटा गया.साथ ही उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया गया.इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.राज्यपाल ने बाबा साहेब के देश के प्रति योगदान को अविस्मरणीय बताया.
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि आज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती है.बाबा साहब ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.उन्होंने देश में दलितों पर कुछ वर्ग द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाई और मन के शिक्षा के माध्यम से ही जातिवाद को खत्म किया जा सकता है.आज केंद्र सरकार ने बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थ को विकसित करके उनकी यादों को पुनर्जीवित करने का काम किया है.राज्यपाल ने इसके लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया.साथ ही उन्होंने देश और प्रदेशवासियों को इस अवसर की बधाई दी है.
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान -जयराम
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान रहा है.आजादी के बाद संविधान निर्माण का सबसे जटिल काम बाबासाहेब को सौंपा गया था.दुनिया भर के संविधान के अध्ययन के बाद उन्होंने संविधान निर्माण कर देश के लिए समर्पित किया.उनके इस योगदान को देश याद कर रहा है.डॉ बी आर अंबेडकर ने विषम परिस्थितियों का सामना किया और पिछड़े वर्ग के उत्थान को अपना लक्ष्य बनाया. जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मजबूत नेतृत्व के रूप में राष्ट्र के लिए काम कर रहे हैं इसके पीछे डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की प्रेरणा है.
दलित उत्थान के लिए काम किया – धनीराम शांडिल
वहीं,इस दौरान हिमाचल सरकार में स्वास्थ्य सामाजिक न्याय और सहकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि आज ऐतिहासिक और शुभ अवसर है देश संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती मना रहा है.डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने बेहद विषम परिस्थितियों का सामना किया.आज उनकी लाइब्रेरी विश्व की सबसे लाइब्रेरी बन रही है.उन्होंने विषम परिस्थितियों में दलित उत्थान के लिए काम किया और पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए शिक्षा को मूल मंत्र बताया.
