धर्मशाला | राहुल चावला-:कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना से प्रभावित रछीयालू और किओड़िया मोल के ग्रामीण मंगलवार को अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा से मिले। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे एयरपोर्ट विस्तार परियोजना का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन नए स्थान पर सम्मानपूर्वक बसने के लिए उन्हें उचित समय मिलना चाहिए।
किओड़िया मोल निवासी पंकज शर्मा ने बताया कि गांव में अचानक मकान खाली करने के नोटिस लगाए गए हैं, जबकि कई परिवार अभी नई जमीन की पैमाइश, रजिस्ट्री और मकान निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना तैयारी के घर खाली करना संभव नहीं है, इसलिए प्रशासन को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।रछीयालू पंचायत के प्रधान रोशन लाल ने कहा कि मुआवजा और पुनर्वास राशि मिलने में देरी के कारण अधिकांश प्रभावित परिवार अभी तक नए मकान और पशुओं के लिए गौशालाएं तैयार नहीं कर पाए हैं। उन्होंने प्रशासन से कम से कम एक से डेढ़ वर्ष का समय देने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोग अपने परिवार और पशुधन के साथ व्यवस्थित तरीके से नए स्थान पर स्थानांतरित हो सकेंगे।रछीयालू निवासी निहारिका ने बताया कि शुरूआती चरण में प्रभावित परिवारों को मुआवजे और पुनर्वास से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। अब 15 दिन के भीतर मकान खाली करने के नोटिस मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के नए मकान अभी निर्माणाधीन हैं और रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है।
उधर,उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण,मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार मुआवजा मिलने के बाद संबंधित विभाग को भूमि का कब्जा लेना होता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों को वास्तविक परिस्थितियों के कारण अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी,उनके मामलों पर व्यक्तिगत आधार पर विचार किया जाएगा। उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन प्रभावित परिवारों की जरूरतों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील तरीके से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
