Faridabad, 31 January-:फरीदाबाद पहुंचे नेता प्रतिपक्ष और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और सरकार को कोई भी फैसला सोच-समझकर लेना चाहिए।
SYL मुद्दे पर बोलते हुए भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि इस मामले में जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अब बैठकों का कोई मतलब नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला सुना चुका है। उन्होंने कहा कि 2002 में फैसला आया था और 2016 में भी हरियाणा के पक्ष में निर्णय हुआ। अब इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और पंजाब सरकार की है। सुप्रीम कोर्ट से बड़ा कोई नहीं है।हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री से मिलने का फैसला हुआ था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग की कि हरियाणा सरकार को इस मामले में कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट लगाना चाहिए।मनरेगा को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन सरकार योजना की मूल भावना बदल रही है। हरियाणा में मनरेगा के करीब 8 लाख रजिस्टर्ड मजदूर हैं, लेकिन सरकार ने सिर्फ 2100 लोगों को ही 100 दिन का रोजगार दिया है।
लाडो लक्ष्मी योजना पर भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले 18 से 60 साल तक की सभी महिलाओं को योजना का लाभ देने की बात कही गई थी। अगर ऐसा होता तो प्रदेश की करीब 85 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलना चाहिए था।
