Shimla, 31 January-:हिमाचल प्रदेश के लिए आगामी आम बजट 2026 को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। राज्य के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण यह बजट ऐसे समय में पेश होने जा रहा है जब 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंप दी गई है और फिलहाल यह वित्त मंत्रालय के पास है।
राज्य सरकार की मांग है कि बजट में हिमाचल के लिए अलग और विशेष प्रावधान किए जाएँ। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि पहाड़ी राज्य की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सहायता और निवेश का प्रावधान होना चाहिए। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार की संभावना बढ़ जाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र सरकार की वित्तीय प्राथमिकताएँ बेहद अहम होती हैं। बजट में अतिरिक्त संसाधन मिलने से सड़क, पुल, ऊर्जा और ग्रामीण विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
राज्यवासियों की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हैं। यह बजट केवल आर्थिक मदद का ही साधन नहीं होगा, बल्कि हिमाचल के दीर्घकालिक विकास और पहाड़ी क्षेत्रों में निवेश को गति देने का भी अवसर माना जा रहा है।
