शिमला, संजू -:शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश और पंजाब से दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल छोटे स्तर के पेडलरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नशा नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच बनाकर मुख्य सप्लायरों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जिला शिमला के एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक धीमान ने बताया कि पुलिस लगातार बैकवर्ड लिंकेज स्थापित कर ड्रग्स नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को तोड़ने में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज मुकदमा संख्या 37/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 और 29 में कार्रवाई करते हुए सिद्धांत खागटा निवासी न्यू सेरी रोहड़ू और गौरव कुमार निवासी बिलासपुर को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के कब्जे से नाइट्राजेपम टैबलेट्स आईपी 10 एमजी (Nitrosun-10) के 19 पत्ते बरामद किए गए थे, जिनमें कुल 190 प्रतिबंधित गोलियां शामिल थीं। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन की गहन जांच की।जांच में खुलासा हुआ कि प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई उत्तर प्रदेश के लखनऊ से कूरियर के माध्यम से की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने 17 मई 2026 को लखनऊ पहुंचकर आरोपी अहमर ब्रिजास को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वहां केमिस्ट शॉप चलाता था और बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध आपूर्ति कर रहा था। इस मामले में अब ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
वहीं दूसरे मामले में पुलिस थाना सदर शिमला में 9 मई 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान पंजाब निवासी निशान सिंह और गुरप्रीत सिंह के कब्जे से 10.300 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। आगे की जांच में पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर पंजाब के फिरोजपुर निवासी आकाशदीप उर्फ आकाश की पहचान मुख्य सप्लायर के रूप में की। इसके बाद शिमला पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को फाजिल्का जिले के जलालाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
