दिल्ली -:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को बंगलुरू स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में आध्यात्मिक गुरु एवं संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम में कार्यरत हिमाचल प्रदेश के लोगों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा गौसेवा में भी भाग लिया।बैठक के दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और बेसहारा गौवंश के संरक्षण एवं पुनर्वास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और प्राकृतिक उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है तथा उपभोक्ताओं को रसायनमुक्त खाद्य उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘गोपाल योजना’ के अंतर्गत निजी गौ-सदनों में आश्रित गौवंश के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 700 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह कर दिया है। बजट 2026-27 में भी बेसहारा गौवंश के पुनर्वास और संरक्षण के लिए कई नई योजनाएं शामिल की गई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में गौ-अभ्यारण्य और बड़े गौ-सदनों की स्थापना की जा रही है। साथ ही प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों और इच्छुक औद्योगिक समूहों को सरकारी गौ-सदनों एवं गौ-अभ्यारण्यों को गोद लेने की अनुमति देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।श्री श्री रविशंकर ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती और गौ संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और इन पहलों को समाज तथा पर्यावरण के लिए लाभकारी बताया।
