Shimla,30 April(TSN):केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़ों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय की जानकारी देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए समाज-हितैषी निर्णयों की श्रृंखला का हिस्सा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि यह पहली बार है जब जातिगत जनगणना एक संगठित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी और कहा कि यह निर्णय सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद कांग्रेस ने जातिगत जनगणना की मांग को अनदेखा किया।वर्ष 2010 में कांग्रेस सरकार ने इस पर विचार करने का वादा किया था और एक मंत्रिमंडलीय समूह का गठन भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद 2011 की जनगणना में जातीय आंकड़े नहीं जुटाए गए।उन्होंने कहा कि इसके बदले ‘सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना (SECC)’ कराई गई, जिस पर लगभग 4893.60 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन डेटा की त्रुटियों के कारण वह सार्वजनिक नहीं किया जा सका।
डॉ. बिंदल ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना केंद्र सरकार का विषय है और संविधान की केंद्रीय सूची में आता है। उन्होंने कुछ राज्यों द्वारा कराए गए जातिगत सर्वेक्षणों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित और अपारदर्शी बताया।उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार के इस निर्णय से यह सुनिश्चित होगा कि सामाजिक और आर्थिक नीतियों की योजना अधिक सटीक और न्यायसंगत तरीके से बनाई जा सकेगी।
