धर्मशाला,राहुल चावला-:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को धर्मशाला में सिटी बस डिपो एवं ई-चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने तीन इंटर-सिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।मुख्यमंत्री ने स्वयं इलेक्ट्रिक बस में सवार होकर HRTC वर्कशॉप से सर्किट हाउस तक सफर किया और प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के पहले बजट में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का एजेंडा शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने और प्रदेश की जलवायु को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। इसी दृष्टिकोण से प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में आवश्यकता के अनुसार जितनी बसों की जरूरत होगी, सरकार उतनी बसें उपलब्ध करवाएगी।पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली स्थिति पैदा हो गई है।उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक और हमीरपुर स्थित SSC बोर्ड का कथित घोटाला भाजपा शासनकाल के दौरान हुआ,जिसे प्रदेश के सबसे बड़े भर्ती घोटालों में गिना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पेपर बेचे गए और कई अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्तियां हुईं।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा में भी बड़ा घोटाला सामने आया है और इसके लिए भाजपा को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने गलतियां कीं और अब सवाल कांग्रेस से पूछ रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के दौरान राज्य चयन आयोग की सभी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित प्रणाली से करवाई जा रही हैं, जिनकी पारदर्शिता पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में कोई व्यक्ति गलत कार्य करते हुए पाया गया तो उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों को जीवनभर OPS देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में अन्य पात्र कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने पर विचार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा OPS लागू करने की नहीं थी,जबकि उनकी सरकार ने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए इसे लागू किया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के 1600 करोड़ रुपये रोक दिए हैं,लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार OPS को कभी समाप्त नहीं करेगी।
