हमीरपुर,अरविंद-:हमीरपुर जिले के भालू गांव निवासी 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा,जिनकी अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी,के पार्थिव शरीर का गुरुवार को डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दो चिकित्सकों की टीम की निगरानी में पूरी की गई। इस दौरान आदित्य के परिजन, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।पोस्टमार्टम के दौरान प्रारंभिक निरीक्षण में आदित्य के सिर पर गहरी चोट के निशान दिखाई दिए,जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव भालू ले जाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान और पारिवारिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के शव गृह में उपमंडल अधिकारी (नादौन) निशांत शर्मा,पुलिस प्रशासन और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल भी मौजूद रहे।उन्होंने पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।इस मौके पर आदित्य शर्मा के चाचा संजीव लखनपाल ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार पिछले कई दिनों से पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहा था।उन्होंने बताया कि शव को भारत और फिर हमीरपुर पहुंचाने में काफी समय लगा,जिससे परिवार को मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि यदि कोई बड़ा वीआईपी व्यक्ति होता तो संभवतः इतनी देरी नहीं होती।संजीव लखनपाल ने जहाज पर हुए हमले को लेकर भी कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि संबंधित समुद्री क्षेत्र में पहले से खतरे और हमले की चेतावनियां जारी की गई थीं,इसके बावजूद जहाज को वहां भेजा गया। उन्होंने मांग की कि यह जांच की जाए कि सुरक्षा संबंधी चेतावनियों के बावजूद नाविकों और कर्मचारियों को जोखिम भरे क्षेत्र में क्यों भेजा गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।
वहीं,भालू पंचायत के पूर्व प्रधान संजय सिंह ने कहा कि पिछले आठ दिनों से पूरा गांव और पंचायत आदित्य के पार्थिव शरीर की प्रतीक्षा कर रहे थे।उन्होंने बताया कि आदित्य की असामयिक मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।संजय सिंह ने कहा कि परिवार के मन में जो भी शंकाएं और सवाल हैं, उनका जवाब संबंधित एजेंसियों और सरकार को देना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।आदित्य शर्मा की मृत्यु ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे हमीरपुर जिले को गहरा आघात पहुंचाया है।स्थानीय लोगों ने सरकार से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
