चंडीगढ़ (एकता): हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन में बड़ा ऐलान किया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने राज्य गीत के लिए सरकारी प्रस्ताव को सदन में पेश किया। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा चयनित 3 गीतों को सदन में सुनाया गया, जिन पर सदस्यों द्वारा एक गीत को चुना गया। खास बात यह है कि इस गीत को एक साल के लिए राज्य गीत घोषित किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य 1 नवम्बर, 1966 को अस्तित्व में आया, लेकिन हरियाणा की पावन धरा पूर्व-वैदिक काल से ही गौरवशाली इतिहास, समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का केंद्र रही है। हरियाणा के लोगों ने सदैव देश की रक्षा में अनेक बलिदान दिए हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का अपना राज्य-चिह्न है, लेकिन प्रदेश का कोई राज्य गीत नहीं है, जो इसके इतिहास और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापनों के जरिए से जनता से गीत आमंत्रित किए गए थे। इन विकल्पों का चयन एक विस्तृत प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के सदस्य गीतों को पढ़कर और सुनकर 19 दिसंबर, 2023 को अपने विचार प्रस्तुत करें।
