Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान हल्की बर्फबारी जबकि कुछ मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार लंबे समय से जारी सूखे के सिलसिले में आंशिक विराम तो लगा है, लेकिन दिसंबर 2025 में मात्र 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो वर्ष 1902 के बाद अब तक छठी बार सबसे कम रिकॉर्ड की गई बारिश है।
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि प्रदेश में आगामी 6 जनवरी तक मौसम शुष्क और साफ बना रहेगा। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते शीतलहर का असर बना हुआ है। इसे देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
बीते 24 घंटे का मौसम हाल
मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी हुई। सोलन, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई।कोकसर में 10 सेंटीमीटर, जोत (चंबा) में 1 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई, वहीं कुफरी में हल्के बर्फ के फाहे गिरे। कसौली में सर्वाधिक 16 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश के कई मैदानी और पहाड़ी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिनमें बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, पांवटा साहिब और ऊना शामिल हैं। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बजौरा में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस, शिमला में 10 डिग्री, जबकि सोलन और हमीरपुर में करीब 16 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया।
आगामी मौसम और शीतलहर चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है। शीतलहर के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरे प्रदेश में 6 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी से इनकार नहीं किया गया है।
दिसंबर में रिकॉर्ड कम बारिश
दिसंबर 2025 के दौरान लाहौल-स्पीति जिले में केवल 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो अब तक के रिकॉर्ड में दिसंबर माह की छठी सबसे कम बारिश है। इससे पहले वर्ष 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में दिसंबर माह में इतनी कम वर्षा दर्ज की गई थी।
संदीप शर्मा, मौसम वैज्ञानिक:
“बर्फबारी और कोहरे के कारण तापमान में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।”
