मंडी,धर्मवीर (TSN)-हिमाचल के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिमाचली सेब की जमकर तारीक की है। राजनाथ सिंह का कहना है कि हिमाचल का सेब ” करिश्माई” है और भारत ही नहीं बल्कि बाहरी देशों में भी इस सेब का स्वाद चखने के लिए लोग तरसते है। यह बात उन्होंने मंडी जिला के सुंदरनगर में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के कार्यक्रम की अध्यक्षता के दौरान उपस्थित बागवानों व किसानों को संबोधित करते हुए कही।
हिमाचली सेब का करिश्माई स्वाद चखने के लिए तरसती है दुनिया
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सेब के करिश्माई स्वाद के कारण, इसकी सभी जगह मांग है।यहां तक कि भारत के बाहर भी हिमाचली सेब को बहुत पसंद किया जा रहा है। हिमाचली सेब को करिश्माई बनाने के लिए यहां के बागवानों व किसानों को इसका श्रेय जाता है।इस मौके पर रक्षा मंत्री ने जहां जिला के अग्रणी किसानों व बागवानों को सम्मानित किया, वहीं पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किश्त में हिमाचल के किसानों के खाते में ट्रांस्फर होने पर सभी को बधाई भी दी।राजनाथ सिंह ने कहा कि छोटे से प्रदेश हिमाचल में भी केंद्र सरकार द्वारां 9 लाख 73 हजार किसानों के खाते में 180 करोड़ की राशि भेजी गई है।
वर्ष 2027 में विश्व के टॉप तीन देशों में शुमार होगा हमारा देश
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब से केंद्र में पीएम मोदी आए है,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद बढ़ा है।दूसरे देश अब भारत को गंभीरता से लेते हैं जबकि वर्ष 2014 से पहले ऐसा नहीं था।वर्ष 2014 में जहां भारत अर्थव्यवस्था में 11वें पायदान पर था,वहीं आज 5वें स्थान पर है।यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से संभव हो पाया है।पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है और वर्ष 2027 तक भारत विश्व के टॉप तीन देशों में शुमार होगा।
स्वयं भी प्राकृतिक उत्पादों की खरीददारी की
वहीं इससे पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जिला के सैंकड़ों किसानों के साथ बिहार के भागलपुर में आयोजित पीएम किसान निधि कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना।इस मौके पर पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर,सीएम के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल,भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल सहित भाजपा के विधायक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के उपरांत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिशील किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती उत्पाद और तकनीक को लेकर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया और स्वयं भी प्राकृतिक उत्पादों की खरीददारी की।
