शिमला : चन्द्रिका ( TSN)- आज के दौर में अभिभावक अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे स्कूलों में पढ़ाने की होड़ में रहते हैं. अच्छा स्कूल मतलब कन्वेंट स्कूल, इंग्लिश मीडियम स्कूल यही एक सोच आज आमतौर पर अभिभावकों की रहती हैं.यहां तक कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी अपने बच्चो को कान्वेंट स्कूलों में ही पढ़ाना ज्यादा बेहतर समझते हैं.इस सोच के विपरीत शिमला के डीएसपी अमित ठाकुर ने एक मिसाल पेश की हैं. उन्होंने अपनी बेटी उर्वी ठाकुर की एडमिशन शिमला के सरकारी स्कूल पोर्टमोर में 5वीं क्लास में करवाई है.साथ ही ये भी संदेश हमारे समाज के लिए हैं कि हमारी सरकारी शिक्षा व्यवस्था किसी कान्वेंट स्कूलों से कम नहीं है.
सरकारी स्कूलों में भी बेहतरीन शिक्षा और अच्छी सुविधाएं
सरकारी स्कूलों में भी बेहतरीन शिक्षा और अच्छी सुविधाएं हैं. शिक्षक भी क्वालिफाइड है और प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण करके ही सरकारी स्कूलों के लिए चयनित हुए हैं. हैरानी की बात ये भी है की सरकारी स्कूल के शिक्षक भी खुद के बच्चो को सरकारी स्कूल में एडमिशन नहीं करवाकर महंगे कान्वेंट स्कूलों में ही भेजते है. सरकारी और कान्वेंट स्कूलों में स्टैंडर्ड की जो परिभाषा आमतौर पर लोग समझते हैं और अपने स्टेटस को इसे कहीं न कहीं जोड़ देते हैं, उन सभी के लिए शिमला के डीएसपी अमित ठाकुर एक मिसाल हैं. अपनी बेटी उर्वी ठाकुर का शिमला के सरकारी पोर्टमोर स्कूल में उन्होंने एडमिशन करवाया है.पोर्टमोर स्कूल में उर्वी ठाकुर 5वीं क्लास की छात्रा है.
डीएसपी अमित ठाकुर की भी शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई
शिमला के डीएसपी अमित ठाकुर से जब इस बारे मे द समर न्यूज ने बात की तो उनका कहना था कि सरकारी स्कूल बेहतरीन शिक्षा दे रहे हैं, शिक्षक क्वालिफाइड है. उन्होंने कहा कि कहीं भी एसा नहीं है कि कान्वेंट स्कूलों में ज्यादा अच्छी पढ़ाई है.डीएसपी अमित ठाकुर ने बात सांझा की कि सरकारी स्कूल में पढ़ने की इच्छा उनकी बेटी उर्वी ठाकुर ने ही बताई थी. डीएसपी अमित ठाकुर ने बताया की उनकी बेटी काफी छोटी थी और तब उर्वी ने उनसे पूछा था कि आप कौनसे स्कूल में पढ़े हैं? इस सवाल पर उन्होंने बताया कि उनकी पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई है. इसके बाद बेटी उर्वी ने भी कह दिया कि वो भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ेगी. बता दे कि डीएसपी अमित ठाकुर ने अपनी शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संराहा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नाहन से हुई है. ऐसे में सरकारी स्कूलों की शिक्षा को जो लोग कम आंकते है उनके लिए डीएसपी अमित ठाकुर एक बेहतरीन उदहारण है.
