Kullu,7 May(TSN)-हिमाचल प्रदेश में चल रही वानिकी परियोजना के कार्यों को अंतरराष्ट्रीय संस्था जाइका (JICA) की भारत शाखा ने प्रशंसा के योग्य बताया है।परियोजना की मध्यावधि समीक्षा के लिए हिमाचल दौरे पर आई जाइका इंडिया की टीम ने कुल्लू जिले में कई स्थलों का दौरा कर कार्यों का जायजा लिया और स्थानीय स्तर पर हो रहे सकारात्मक परिवर्तन की सराहना की।
जाइका इंडिया की टीम ने परियोजना कार्यों को बताया प्रभावशाली
जाइका इंडिया के चीफ ऑफ डेवलपमेंट ऑपरेशन्स विनीत सरीन ने बताया कि यह परियोजना 2018 में शुरू हुई थी और 2028 तक चलेगी। इस परियोजना के अंतर्गत 460 ग्राम वन विकास समितियों और 920 स्वयं सहायता समूहों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि आजीविका में सुधार, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरणीय संरक्षण इस परियोजना के मुख्य उद्देश्य हैं।
महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में मिल रही सफलता
कुल्लू के मोहल में आयोजित एक मेले में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को सराहा और कहा कि इन उत्पादों को देशभर में पहचान दिलाई जा सकती है। बुधवार को टीम ने काइस गांव और डुगीलग क्षेत्र का दौरा किया,जहां उन्होंने बीएमसी सब कमेटी और अन्य समूहों से संवाद किया।इस दौरान जाइका की प्रोजेक्ट फार्मूलेशन एडवाइज़र युकारी इनागकी भी मौजूद थीं।समीक्षा दौरे में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जैसे वन बल प्रमुख समीर रस्तोगी,परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, जड़ी-बूटी सैल के निदेशक डॉ. एसके काप्टा सहित अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
