करनाल : चन्द्रिका ( TSN)-महेंद्रगढ़ स्कूल बस हा*दसे के बाद कुछ स्कूल संचालक बसों में सुधार के बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में जुटे हैं ।दरअसल अब नए सत्र में स्कूल दाखिला फार्म में ही स्कूल के नियमों में एक लाइन शामिल की गई है। अभिभावकों से इस क्रम में अंडरटेकिंग ली जा रही है। ताकि भविष्य में यदि हा*दसा हो तो स्कूल संचालक इसी फार्म को अभिभावकों को दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकें और ना समझी में अभिवावक भी गलती कर हस्ताक्षर कर रहे है।
गौरतलब है कि महेंद्रगढ़ के कनानी स्कूल बस हा*दसे में स्कूल संचालकों व कर्मचारीयों की लापरवाही ने 6 बच्चों की जान चली गई जिसके बाद सरकार हरकत में आई और ताबड़तोड़ कार्यवाही में लगी है।इतने बड़े हा*दसे के बाद निजी स्कूल अपनी जिम्मेदारी से बचने का नया रास्ता इख्तियार करने में जुट गए हैं।स्कूलों द्वारा दाखिला फार्म में ही एक लाइन शामिल कर दी गई है कि ‘मैं छात्रों के परिवहन के दौरान होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए स्कूल अधिकारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा। भ्रमण के दौरान/स्कूल जाने या वापस आने के दौरान और यह पूरी तरह से मेरे अपने जोखिम और जिम्मेदारी पर है।
प्ले स्कूलों ने भी अपनाया यही रास्ता
निजी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के अलावा कुछ प्ले स्कूलों ने भी यही रास्ता अपनाया है।वैसे तो वे किसी भी अभिभावक से इस तरह का शपथ पत्र नहीं ले सकते, लेकिन दाखिला प्रक्रिया का फायदा उठाते हुए अभिभावकों से एक ही फार्म में नया नियम बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। प्रदेश में करीब 15 हजार निजी स्कूल हैं, जिनके करीब 41 हजार वाहन बच्चों को लाने-लेजाने के लिए परिवहन विभाग के पास पंजीकृत हैं। इनमें से भी 15 से 20 प्रतिशत वाहनों की तीन-चार वर्ष से पासिंग नहीं हुई।कुछ स्कूलों ने इस अंडरटेकिंग को स्कूल नियमों में शामिल करते हुए नए फार्म छपवाए हैं। ऐसे स्कूल पुराने विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी स्कूल में बुलवाकर नया फार्म भरवा रहे हैं। हालांकि हवाला इसके पीछे नया रिकाॅर्ड बनाने का दिया जा रहा है। लेकिन रिकाॅर्ड की आड़ में अभिभावकों से अपने बचाव की अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं।दाखिला फार्म में स्कूल के नियमों के साथ बीच में छोटे फॉन्ट में एक लाइन लिखवाई गई है।
अभिभावक एकता संघ का कहना ये
मीडिया से बात करते हुए अभिभावक एकता संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश नरूला का कहना है कि स्कूल संचालकों को ऐसा करना शोभा नही देता।दाखिले के समय स्कूल संचालक केवल सुविधाओं और उपलब्धियों का गुणगान करते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक बजाय अभिवावकों से अंडरटेकिंग लेने के अपनी स्कूल व्यवस्थाओं को सुधारें. अभिभावकों को फार्म पढ़ने का भी समय नहीं देते। अनजाने में अभिभावक ठगे जा रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी का कहना ये
इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि स्कूलों द्वारा अभिवावकों से अंडरटेकिंग लिखवाने से भी वे बच नहीं सकते हैं,अपनी जिम्मेदारी से स्कूल पीछे नहीं हट सकते हैं। हा*दसे के दौरान यदि बच्चे की गलती हो तो अलग बात है। यदि चालक की गलती से या बस की कमी से हा*दसा होता है तो स्कूल ही जिम्मेदार होगा। अभी मामला मेरे संज्ञान में नही आया है,इसकी पड़ताल की जाएगी।
