Shimla,10 November-:हिमाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और भंडारण ढांचे को मजबूत करने के लिए फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) की राज्य स्तरीय परामर्श समिति (SLCC) की महत्वपूर्ण बैठक आज क्षेत्रीय कार्यालय शिमला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश कश्यप ने की। उन्होंने FCI के कार्यों, राज्य में खाद्यान्न खरीद, भंडारण, वितरण और भावी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
किसान,खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरीकरण – FCI का मजबूत जनादेश
सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में FCI देश की खाद्य सुरक्षा का मज़बूत स्तंभ बना है। उन्होंने FCI के चार प्रमुख उद्देश्यों — किसानों के हितों की रक्षा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए खाद्यान्न परिवहन, और मूल्य स्थिरीकरण हेतु बाजार हस्तक्षेप — को सराहनीय बताया।
हिमाचल में FCI की स्थिति – 21 गोदाम, 98.16% क्षमता उपयोग
राज्य में वर्तमान में FCI के 21 डिपो (9 स्वामित्व, 12 किराए पर) कार्यरत हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 1,00,584 मीट्रिक टन (MT) है। वर्तमान स्टॉक 98,347 MT है, जो 98.16% उपयोग दर्शाता है।
सांसद कश्यप ने कहा, “हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए भंडारण क्षमता में और वृद्धि अत्यावश्यक है।”
भंडारण गैप – 2.34 लाख MT की कमी,तत्काल कदम जरूरी
राज्य में 8 माह की ऑफ-टेक आवश्यकता 3,57,540 MT है, जबकि वर्तमान क्षमता केवल 1,24,453 MT है — जिससे 2,34,627 MT की कमी दर्ज की गई।
डिवीजनवार कमी:
RO शिमला: -66,164 MT
DO धर्मशाला: -95,428 MT
DO मंडी: -73,035 MT
कश्यप ने निर्देश दिए कि PACS के माध्यम से 1 लाख MT नई भंडारण क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी लाई जाए। बिलासपुर में 3,000 MT का PACS गोदाम शीघ्र स्वीकृत करने पर बल दिया गया।
नई योजनाएं – PEG, PWS और PACS पर तेजी
PEG-2024: 1,33,380 MT प्रस्तावित (कांगड़ा 39,841 MT, हमीरपुर 12,618 MT आदि)
PWS-2010: 1,44,897 MT के लिए GeM टेंडर जारी
PACS योजना: 1,00,000 MT (शिमला 17,710 MT, कांगड़ा 30,000+ MT)
सांसद ने कहा, “PEG और PWS के टेंडर अगले तीन माह में पूर्ण किए जाएं ताकि ‘विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना’ का लाभ हिमाचल को मिल सके।”
खरीद में सुधार – DCP मोड को और प्रभावी बनाना आवश्यक
धान (KMS 2025-26): लक्ष्य 31,100 MT, उपलब्धि 15,200 MT (06.11.2025 तक)
गेहूं (RMS 2025-26): उपलब्धि 2,996 MT
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और FCI के बीच बेहतर समन्वय तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली से किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
OMSS से बाजार में स्थिरता
गेहूं बिक्री: 1,89,490 MT
चावल बिक्री: 87,071 MT (2024-25 में 79,436 MT)
