मुंबई (एकता): बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा बेदी को आखिरकार 20 साल पुराने केस में राहत मिली। बता दें कि पूजा बेदी और उनकी मामियों ने ‘वसीयत’ से जुड़ा मुकदमा जीत लिया है। सूत्रों के मुताबिक उनके दिवं+गत मामा की पूरी संपत्ति एक धर्मार्थ ट्रस्ट को Transferred की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस करोड़ों रुपए मूल्य की अनुमानित संपत्ति में एक फ्लैट, माहिम में एक फ्लैट, पंचगनी हिलस्टेशन में दो एकड़ जमीन, बैंक जमा, निवेश आदि शामिल हैं। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस मिलिंद जाधव ने विभिन्न आधारों पर अपने दिवं#गत मामा की कथित वसीयत की प्रामाणिकता को खारिज कर दिया।
बता दें कि दस्तावेज के पन्नों पर मृ+तक के सिग्नेचर मेल नहीं खाते। इतना ही नहीं इस बात का कोई सबूत नहीं था कि आखिर यह वसीयत किसने तैयार की। जानकारी के मुताबिक न्यायमूर्ति जाधव के आदेश से 53 वर्षीय बेदी और उनकी दो वृद्ध मामियों के लिए दिवं@गत गुप्ता की संपत्ति में एक-तिहाई हिस्सेदारी का दावा करने और उन्हें उचित समझे जाने के बाद उनका रास्ता साफ हो गया। इसके बाद 20 जून 2003 को निष्पादित वसीयत की प्रोबेट की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में दस्तक दी। इतना ही नहीं उन्हें कूल्हे के फ्रैक्चर और किडनी फेल होने के कारण अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
आखिरकार 3 महीने बाद सितंबर 2003 में उन्होंने द$म तोड़ दिया। गुप्ता की पूरी संपत्ति को नियंत्रित करने के लिए अधिकृत किया गया था। पूजा बेदी और परिवार के अन्य सदस्यों ने फैसले का खुशी से स्वागत किया है और न्यायमूर्ति जाधव के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आखिरकार उन्हें बरसों पुराने केस से छुटकारा दिलाया।
