मोहाली | सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड बोर्ड (IIB) – एग्जीक्यूटिव लीडरशिप डायलॉग 2026 के पहले संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राशपाल सिंह धालीवाल, फादर ऑफ एजुकेशन, फाउंडर एवं चांसलर, सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली; अर्श धालीवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली और डॉ. सुशील पराशर, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली सहित विश्वविद्यालय नेतृत्व और 50 से अधिक प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में बदलते टैलेंट लैंडस्केप, भविष्य की नौकरियों और इंडस्ट्री–एकेडेमिया सहयोग को लेकर चर्चा हुई। उद्योग प्रतिनिधियों ने बदलती तकनीकों, नई भूमिकाओं और उभरती स्किल आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और अकादमिक प्राथमिकताओं को तैयार करने पर अपने विचार साझा किए।
डायलॉग में कैपजेमिनी, एमफेसिस, डब्ल्यूएनएस, गोडैडी, गूगल, न्यूजन सॉफ्टवेयर, टीसीएस, एक्सेंचर, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, एसएपी, एचसीएलटेक, एटफोल्ड.एआई, कोफोर्ज, केपीएमजी, हिताची, फिनास्ट्रा, आईबीएम, बिड़लासॉफ्ट, ईवाई इंडिया, सेल्सफोर्स, एरिक्सन, क्लियरवॉटर एनालिटिक्स, डिमांडबेस, एक्सट्रिया–इनजीनियस इनसाइट्स, सोप्रा स्टेरिया, अशोक लेलैंड, डसॉल्ट सिस्टम्स, यूकेजी, ईबे, ओडू और रिलायंस ब्रांड्स लिमिटेड सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रतिनिधियों ने टेक्नोलॉजी, कंसल्टिंग, बीएफएसआई, ऑटोमोटिव, मैन्युफैक्चरिंग, एनालिटिक्स, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योग अनुभव साझा किए। चर्चा में भविष्य के प्रोफेशनल्स के लिए आवश्यक क्षमताओं, रोजगारपरकता और उद्योग की बदलती जरूरतों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में करिकुलम को वर्तमान उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने, उभरती स्किल्स, कैपेबिलिटी गैप, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग और नई तकनीकों पर चर्चा हुई। साथ ही इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड लर्निंग, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन, मेंटरशिप, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च, इनोवेशन और प्लेसमेंट के लिए सहयोग के अवसरों पर भी विचार किया गया।
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने वर्तमान और भविष्य की वर्कफोर्स ट्रेंड्स तथा मौजूदा और संभावित कैपेबिलिटी गैप को लेकर सुझाव दिए। इन सुझावों के आधार पर इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड बोर्ड के लिए एक संरचित IIB स्ट्रैटेजिक एक्शन एजेंडा तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से उद्योग से प्राप्त इनपुट को अकादमिक पहलों में शामिल किया जाएगा।
डायलॉग में करिकुलम एन्हांसमेंट, टैलेंट एवं कैपेबिलिटी डेवलपमेंट, एक्सपीरिएंशियल एवं इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड लर्निंग, उभरती तकनीक एवं स्किल्स और निरंतर इंडस्ट्री–एकेडेमिया सहभागिता को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा गया। सर्टिफिकेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंटर्नशिप, रिसर्च, इनोवेशन और प्लेसमेंट के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए इंडस्ट्री-इन्फॉर्म्ड करिकुलम, लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, उभरती तकनीकों का एक्सपोजर, मेंटरशिप और इंडस्ट्री-रिकग्नाइज्ड सर्टिफिकेशन जैसे अवसरों पर भी चर्चा हुई। उद्योग और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग के माध्यम से रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड बोर्ड का पहला एग्जीक्यूटिव लीडरशिप डायलॉग 2026 उद्योग और शिक्षा जगत के बीच निरंतर एवं परिणाम-केंद्रित सहयोग की दिशा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से उद्योग से प्राप्त सुझावों को अकादमिक प्राथमिकताओं और भविष्य की पहलों से जोड़ने के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई।
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली द्वारा आयोजित यह डायलॉग इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड बोर्ड के तहत आगे होने वाली चर्चाओं और पहलों की शुरुआत के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें बदलती इंडस्ट्री जरूरतों के अनुरूप अकादमिक प्राथमिकताओं को विकसित करने पर फोकस किया गया।
