पलवल (एकता): मोहनदास करमचंद गांधी को ‘महात्मा’ कहा जाता है, वो एक होशियार राजनेता थे, जिन्होंने अंग्रेज़ों की हुकूमत से भारत को आज़ाद कराने की लड़ाई लड़ी। इसके साथ ही देश को स्वतंत्रता दिलाने में अहम योगदान दिया। इसलिए 2 अक्तूबर गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। खास बात यह है कि महात्मा गांधी को “राष्ट्रपिता” कहने का स्रोत पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने दिया था। सुभाष चंद्र बोस ने गांधी जी को “राष्ट्रपिता” कहकर सम्मानित किया था। भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। भारत में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद वह इंग्लैंड चले गए लेकिन बाद में वह वापस लौट आए। लेकिन आज भी उन्हें याद किया जाता है।

154वीं जयंती धूमधाम से मनाई
पूरे देश में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। पलवल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर आज गांधी सेवा आश्रम में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की यादों को हरियाणा का ऐतिहासिक पलवल जिला आज भी संजोए हुए हैं। यहां की कई खास चीज़ें आपको उनकी याद दिलाएगी। दरअसल गांधी जी की पहली राजनीतिक गिरफ्तारी पलवल रेलवे स्टेशन से हुई थी। आइए जानिए उनके ऐतिहासिक पलों को…

पलवल रेलवे स्टेशन से जुड़ा है खास इतिहास
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का इतिहास पलवल रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है। दरअसल एक्ट के विरोध में होने वाले सम्मेलन में जलियांवाला बाग़ अमृतसर जाते समय गांधी जी ट्रेन के जरिए पलवल से होते हुए पंजाब जा रहे थे। अचानक 10 अप्रैल 1919 को अंग्रेजों ने पहली बार दिल्ली में एंट्री न करने के आदेश के चलते उन्हें पलवल रेलवे स्टेशन से ही हिरासत में ले लिया गया था। ब्रिटिश सरकार ने स्वाधीनता आंदोलन को कुचलने के लिए रॉलेट एक्ट बनाया था। उस समय काफी लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

गांधी आश्रम को देखने के लिए आते हैं सैलानी
बता दें कि आज भी कई पर्यटक कुछ जानकारी लेने और इन ऐतिहासिक चीज़ों को देखने के लिए गांधी आश्रम आते हैं। गांधी जयंती के अवसर पर गांधी सेवा आश्रम में हवन यज्ञ व सर्व धर्म सभा का आयोजन भी किया जाता है।
महात्मा गांधी के जन्मदिवस के अवसर पर श्रद्धा सुमन किए अर्पित
हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व सदस्य एवं भाजपा नेता डॉ. हरेंद्र पाल राणा ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए है। 6 अप्रैल, 1919 को इस एक्ट के विरोध में देशव्यापी हड़ताल हुई थी। गिरफ्तारी की याद में पलवल रेलवे स्टेशन पर गांधी स्मारक का निर्माण किया गया। गांधी जी की यादों को संजोए रखने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस 2 अक्टूबर 1938 को पलवल आए थे। पलवल में आकर गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी। गांधी सेवा आश्रम के प्रधान देवी चरण मंगला ने बताया कि यहां एक पार्क और भव्य स्मारक बना गया है। यहां एक भव्य मूर्ति की स्थापना की गई है। लोग दूर-दराज के क्षेत्र से इसे देखने के लिए आते हैं।

गांधी जी की गिरफ्तारी पर पंजाब में शुरू हुए थे धरने, प्रदर्शन व रैलियां
जानकारी के मुताबिक गांधी जी की इस गिरफ्तारी के विरोध में पूरा पंजाब भड़क उठा था। जगह-जगह जुलूस, धरने, प्रदर्शन व रैलियां निकाली गई थी। महात्मा गांधी की गिरफ्तारी की याद को संजोए रखने के लिए तब स्वाधीनता सेनानियों ने पलवल में एक आश्रम बनवाने का फैसला लिया। इसे महात्मा गांधी सेवा आश्रम का नाम दिया गया। खास बात यह है कि इस आश्रम की नींव स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद बोस ने रखी थी।

आजादी के लिए गांधी के आंदोलन
स्वतंत्रता के लिए गांधी जी ने कई आंदोलन किए थे। इसमें सत्याग्रह और खिलाफत आंदोलन, नमक सत्याग्रह, डांडी यात्रा आदि शामिल है। गांधी जी ने देश की आजादी की लड़ाई में अहिंसा की सिद्धांत अपनाया।
जानिए किसने कहा था महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी को “राष्ट्रपिता” पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने कहा था। उन्होंने गांधी जी को “राष्ट्रपिता” कहकर सम्मानित किया था, क्योंकि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उसके बाद से “राष्ट्रपिता” का उपयोग गांधी जी के सम्मान में आम तौर से किया जाने लगा।
