दिल्ली (एकता): भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित यह भाई दूज का त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। यह दिवाली के दो दिन बाद आता है। बता दें कि भाई-बहन के प्यार का त्योहार राखी जितना स्पेशल हैं, उतना ही खास भाईदूज भी। इस दिन बहन अपने भाई को टीका लगाकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। उसके बाद भाई अपनी प्यारी बहन को तोहफा देता है। वहीं दूसरी ओर कई भाई इस त्योहार को यादगार बनाने के लिए कई जगहों पर घूमने के लिए जाते हैं। अगर आप भी भाई दूज पर अपने भाई-बहनों को घुमाने ले जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। जो कि कम बजट में हैं, जहां पर भाईदूज को खास और यादगार बना सकते हैं। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में आपको कुछ ऐसी जगह घूमने को मिलेगी जो कि अपने आप में काफी खूबसूरत है। दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज मनाया जाता है। इस दिन परिवार के सभी लोग, खासकर भाई बहन एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं।
गुड़गांव घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह
दिल्ली से सटे गुड़गांव या गुरुग्राम काफी मशहूर हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घमने-फिरने के लिए आ सकते हैं। भाई दूज पर आप अपनी बहनों को इन खास जगह पर ले जा सकते हैं। यहां पर पटौदी पैलेस इब्राहिम कोठी के रूप में फैमस है। आप महानगरों की भागदौड़ के बीच यहां कुछ पल शाही अंदाज में बिता सकते हैं।

वाराणसी
भाई-बहन पूरे परिवार के साथ गोवर्धन पूजा के दिन बनारस की यात्रा पर जा सकते हैं। यहां पर भाई दूज का पर्व मनाना यादगार बन जाएगा। 2 दिनों तक आप बनारस में काफी अच्छे से घूम फिर सकते हैं। यह जगह पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है। यहां पर आप गंगा घाट, बनारसी पान और स्ट्रीट फूड का आनंद उठा सकते हैं।

मथुरा
भाई दूज के अवसर पर कई लोग मथुरा जाना अच्छा समझते हैं। दिवाली के मौके पर यहां अलग ही माहौल देखने को मिलता है। अगले दिन यमुना घाट पर स्नान के बाद भाई को तिलक करके भाई दूज मना सकते हैं। यहां पर आप गोकुल धाम, बांके बिहारी मंदिर और वृंदावन घूम सकते हैं। जिससे आपको काफी आनंद मिलेगा।

ऋषिकेश
अगर आप भाई दूज के मौके पर ऋषिकेश जाना चाहते हैं तो आप यहां एडवेंचर का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं। सबसे अच्छा नजारा गंगा किनारे देखने को मिलता है। यहां पर संध्या आरती देखने को मिलती है।

भाई दूज का त्योहार क्यों मनाया जाता है?
कहा जाता है कि यम जब यमुना के घर गए थे तो उनकी बहन ने तिलक लगाया और भाई को खाना खिलाया। जब उसका भाई खुश हुआ तो उसने बहन को वरदान मांगने के लिए कहा। उसने कहा कि आप इस दिन मेरे घर आना। इसी को देख हर भाई-बहन ने भाई दूज को मनाना शुरू किया। बहन यमुना ने उनका खूब सत्कार किया और चलते समय नारियल का गोला भेंट किया था। तभी से भाई दूज के दिन नारियल भेंट किया जाता है।
