शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त सेस लगाए जाने के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी भाजपा की ओर से राज्य सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए जाने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर पलटवार किया है।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं को राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाने से पहले यह बताना चाहिए कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले से इतनी अधिक क्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने में नाकाम रही है और इसका सीधा असर आम जनता के साथ-साथ राज्यों के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर सड़कों पर
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन पर भी पड़ा है। बिटुमेन की कीमतें बढ़ने से सड़कों की मेटलिंग और निर्माण कार्यों की लागत बढ़ रही है। इसका असर विकास कार्यों की गति पर पड़ रहा है और कई जगहों पर सड़क निर्माण एवं मरम्मत का काम निर्धारित समय के अनुसार करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कों का महत्व बेहद अधिक है। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सड़क नेटवर्क पर निर्भर है। ऐसे में निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर लोक निर्माण विभाग के बजट और सड़क विकास कार्यों पर पड़ता है।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भाजपा को केवल राज्य सरकार पर आरोप लगाने के बजाय यह भी बताना चाहिए कि पेट्रोल-डीजल और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र की नीतियां कितनी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा राज्य सरकार से जवाब मांग रही है तो उसे केंद्र सरकार की भी जवाबदेही तय करनी चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री ने पेट्रोल में ई-20 मिश्रण को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों के बीच कई तरह की चिंताएं सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त परीक्षण और उसके प्रभावों को लेकर स्पष्टता के बिना इसे लागू करने से वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों की माइलेज प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। विक्रमादित्य सिंह ने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यवस्था का सीधा असर आम लोगों की गाड़ियों के प्रदर्शन और खर्च पर पड़ रहा है, तो सरकार को इसके बारे में लोगों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर ई-20 तक कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर भाजपा को राज्य सरकार से सवाल करने से पहले केंद्र सरकार की भूमिका पर जवाब देना चाहिए।
