Shimla,Sanju —राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गुणवत्ता शिक्षा,विद्यालयों के पुनर्निर्माण,शिक्षक भर्ती और पाठ्यक्रम नवाचार जैसे कई मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में प्रदेश की रैंकिंग में 21वें से 5वें स्थान तक का सुधार राज्य के शिक्षकों और अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने आपदा राहत कोष से मिले ₹30 करोड़ का इस्तेमाल 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त 70% स्कूलों के पुनर्निर्माण में करने की योजना बताई।56 स्कूलों को डे-बोर्डिंग स्कूलों में अपग्रेड किया जाएगा और अटल आदर्श विद्यालयों की स्थिति का स्वयं निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि 187 दिव्यांग JBT, 194 शास्त्री शिक्षक और ड्राइंग मास्टर्स की नियुक्तियां जल्द की जाएंगी। तैनाती में पारदर्शिता रखने और अनावश्यक डेपुटेशन खत्म करने के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए।उन्होंने कहा कि शून्य परिणाम वाले स्कूलों और शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, वहीं श्रेष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।मेधावी छात्रों को टैबलेट समय पर वितरित करने और शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नए शैक्षणिक सत्र से कॉलेजों में विषयों का युक्तिकरण करते हुए मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, और कौशल आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी, जिससे छात्रों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सके।
