शिमला,संजू -:हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होगा। सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी। मानसून सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा के प्रत्येक सत्र से पहले कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना एक नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में आने वाले विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मिलने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही देखने आने वाले नागरिकों और मीडिया कर्मियों की आवाजाही भी सुचारू बनी रहनी चाहिए।पठानिया ने कहा कि यदि किसी संगठन या समूह की ओर से विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि पिछले सत्रों की तरह इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहेगी और सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगी।विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र को लेकर विधायकों की ओर से सवाल और विभिन्न नियमों के तहत नोटिस विधानसभा सचिवालय को मिलने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि नियम 61, 62 और 130 के तहत भी कई नोटिस प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
वहीं,हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान हुए नुकसान को लेकर पूछे गए सवाल पर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 की तरह इस वर्ष भी भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में व्यापक नुकसान हुआ है।चंबा जिला भी बारिश से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और आने वाले दिनों में अन्य प्रभावित इलाकों का भी जायजा लेंगे।पठानिया ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के कारण जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं,वहां तत्काल मशीनरी भेजकर यातायात बहाल किया जाए। उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी कई सड़कें बारिश के कारण प्रभावित हुई हैं, लेकिन विभाग की ओर से मशीनरी तैनात कर अधिकांश मार्गों पर जल्द यातायात बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान भी ज्यादातर सड़कें केवल एक से दो घंटे तक ही बंद रहीं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर पूछे गए सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष ने इसे बेहद दुखद और शर्मनाक घटना बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने से परीक्षा की तैयारी कर रहे मेहनती अभ्यर्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और पूरे समाज का व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होता है।उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पठानिया ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने प्रदेशवासियों को आगामी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।उन्होंने कहा कि 15 अगस्त देश के गौरव, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।उन्होंने बताया कि वह इस वर्ष बिलासपुर में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे।पठानिया ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
