Shimla,9 October: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में बिजली खरीद और बिक्री को सुव्यवस्थित करने और राजस्व वृद्धि के साथ बिजली की लागत कम करने के उद्देश्य से एचपी एनर्जी मैनेजमेंट सेंटर (एचपीईएमसी) की स्थापना पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले सर्दियों के मौसम में ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी से नदियों में पानी का बहाव कम होने के कारण बिजली उत्पादन घट जाता है।ऐसे में पहले से योजना बनाकर किफायती दरों पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सर्दियों के लिए ऊर्जा खरीद और प्रबंधन की कार्य योजना तैयार की जाए।मुख्यमंत्री ने एचपीईएमसी को ऊर्जा व्यापार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और राज्य को अधिकतम आर्थिक लाभ दिलाने वाला बताया।ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र को पूरी पेशेवर दक्षता के साथ संचालित किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अधिकतम राजस्व सुनिश्चित किया जा सके।उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस केंद्र की क्षमता बढ़ाने और इसे और सशक्त बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने बजट में हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च, 2026 तक ‘हरित ऊर्जा राज्य’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे हासिल करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
