चरखी दादरी (एकता): जहां दिसंबर की ठंड ने लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है, वहीं इस ठंड में हरियाणा की 106 वर्षीय ‘उड़नपरी दादी’ के नाम से मशहूर रामबाई फर्राटा भर मैदान में दौड़ लगा रही है। सोचने वाली बात यह है कि ठंड में जहां बुजुर्गों के लिए बिस्तर से बाहर निकलना ही एक चुनौती बना हुआ है, वहीं दादी रामबाई इस ठंड में तीन गोल्ड मेडल हासिल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक चरखी दादरी जिले के कादमा निवासी दादी रामबाई ने दिल्ली के आयोजित वेटरन एथलीट मीट में तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदकों की सूची और लंबी कर ली है। हर कोई उनपर गर्व महसूस कर रहा है। खास बात यह है कि वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में करीब 40 पदक अपने नाम कर चुकी है। बताया जा रहा है कि रामबाई के अलावा उनकी बेटी और नातिन ने भी एथलीट चैंपियनशिप की अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक हासिल किए हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित वेटरन एथलीट मीट में उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया। रामबाई ने 100 मीटर दौड़ के अलावा 3000 मीटर पैदल चाल और शॉटपुट स्पर्धा में गोल्ड मैडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

पदक जीतने पर रामबाई की बेटी को किया गया सम्मानित
जानकारी के मुताबिक रामबाई की बेटी संतरा देवी ने 3000 मीटर पैदल चाल में स्वर्ण, 100 मीटर दौड़ और शॉटपुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा नातिन शर्मिला ने भी रजत पदक जीता।

रामबाई की सेहत का राज देसी खुराक
खास बात यह है कि 106 साल की उम्र में जहां लोग बेड पर आराम करते हैं वहीं रामबाई हरियाणा का खास चेहरा बनी हुई है। रामबाई उम्र के बढ़ते पड़ाव में भी लगातार जीत रही हैं। उनकी सेहत का राज देसी खुराक है। वह हर रोज पैदल चलती है और टाइम पर खाती-पीती है। वह सुबह-शाम आधा किलो दूध पीती हैं। इसके अलावा घी, चूरमा, दही और मेसी रोटी खाती हैं। वह अपनी परिवार की देखभाल के साथ-साथ अपनी सेहत का खास ख्याल रखती हैं।

