शिमला,12 मार्च-: केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न केंद्रीय शिक्षा योजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य को जारी की गई निधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लिखित उत्तर में बताया कि समग्र शिक्षा, स्टार्स योजना, पीएम श्री स्कूल, उल्लास और पीएम पोषण जैसी योजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए सहायता दी जा रही है। इन योजनाओं के तहत राज्यों की वार्षिक कार्ययोजना के आधार पर परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) द्वारा राशि स्वीकृत की जाती है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार समग्र शिक्षा योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 738.08 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिनमें से 551.60 करोड़ रुपये जारी हुए और 487.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2023-24 में 686.85 करोड़ रुपये स्वीकृत, 485.96 करोड़ रुपये जारी और 468.44 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं वर्ष 2024-25 में 764.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिनमें से 526.20 करोड़ रुपये जारी हुए और 466.88 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।
स्टार्स योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 330.18 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 175.12 करोड़ रुपये जारी किए गए और 36.93 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2023-24 में 224.12 करोड़ रुपये स्वीकृत, 53.66 करोड़ रुपये जारी और 111.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2024-25 में 272.41 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 175.80 करोड़ रुपये जारी और 185.63 करोड़ रुपये खर्च किए गए।पीएम श्री योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 135.35 करोड़ रुपये स्वीकृत और जारी किए गए, जिनमें से 74.01 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया।उल्लास योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 1.87 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वर्ष 2023-24 में भी 1.87 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 0.47 करोड़ रुपये जारी और 0.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2024-25 में 1.59 करोड़ रुपये स्वीकृत, 0.79 करोड़ रुपये जारी और 0.53 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इसके अलावा पीएम पोषण योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 107.27 करोड़ रुपये स्वीकृत, 138.02 करोड़ रुपये जारी और 108.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2023-24 में 108.74 करोड़ रुपये स्वीकृत, 94.35 करोड़ रुपये जारी और 104.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2024-25 में 101.04 करोड़ रुपये स्वीकृत, 95.69 करोड़ रुपये जारी और 101.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाती है और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के माध्यम से निधियों के उपयोग की निगरानी की जाती है, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। केंद्र सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के माध्यम से राज्यों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत ढांचे को और मजबूत बनाना है।
