शिमला : चन्द्रिका ( TSN)-भारत के प्रथम बहुउद्देश्यीय ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के झाकड़ी में 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन में किया गया है. सतलुज जल विद्युत निगम ( SJVN) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन गीता कपूर, ने 20एमन 3/घंटा इलेक्ट्रोलाइजऱ और 25 किलोवाट यूल सेल क्षमता आधारित अत्याधुनिक ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। यह देश का प्रथम बहुउद्देश्यीय (संयुक्त ताप एवं विद्युत) हरित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र है। जोकि अपनी 25 किलोवाट क्षमता के ईंधन सेल के माध्यम से विद्युत उत्पन्न करने के अतिरिक्त ज्वलन ईंधन आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा।
बता दें कि ये एनजेएचपीएस की हाई वेलोसिटी ऑक्सीजन यूल (एचवीओएफ) कोटिंग सुविधा की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है।यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के वधाल में स्थित एसजेवीएन के 1.31 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र से आपूर्ति की गई नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके 20एमन 3/घंटा क्षमता के एल्कालाईन इलेक्ट्रोलाइजऱ की सहायता से पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को विभाजित करके हाइड्रोजन गैस का उत्पादन करेगी।पायलट प्रोजेक्ट को 8 घंटे के संचालन के दौरान प्रतिदिन 14 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए तैयार किया गया है। जिसे 30 बार प्रेशर पर 12 एम3 की कुल भंडारण क्षमता वाले छह भंडारण टैंकों में संग्रहीत किया जाएगा। हरित हाइड्रोजन का उपयोग 25 किलोवाट क्षमता के ईंधन सेल के माध्यम से बिजली उत्पन्न करने के अलावा टरबाइन के पानी के नीचे के हिस्सों की एचवीओएफ कोटिंग के लिए किया जाता है.
