शिमला,समर न्यूज ब्यूरो-: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला नगर निगम में हालिया घटनाक्रम को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम में लिए जा रहे निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित परंपराओं के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप कर रही है, जिससे जनप्रतिनिधियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नगर निगम की कार्यवाही में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा पार्षदों को सदन से बाहर किए जाने की घटना को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर सदन और सड़कों दोनों जगह संघर्ष जारी रखेगी।महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि तय नियमों के अनुसार मेयर पद पर महिला को अवसर मिलना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों के चलते इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया, जिससे महिला पार्षदों के अधिकार प्रभावित हुए। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर महिला सशक्तिकरण के दावों और वास्तविक कार्यप्रणाली के बीच अंतर होने का आरोप लगाया।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनमत की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है और जनता समय आने पर अपना निर्णय देगी।
होली पर्व की दी शुभकामनाए
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने होली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाए दीं। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, सद्भाव और एकता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल होली मनाने की अपील की तथा सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
