जालंधर | खेल जगत में पहचान रखने वाले जालंधर को आखिरकार बर्ल्टन पार्क स्पोर्ट्स हब के रूप में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। 17 वर्षों से अटके इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्घाटन बुधवार, 11 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की भी मौजूदगी संभव है।
नगर निगम के मेयर वनीत धीर, कमिश्नर गौतम जैन, राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल और आप नेता नितिन कोहली के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट दोबारा रफ्तार पकड़ सका। पुरानी ठेकेदार फर्म को फिर से काम के लिए राजी कर लिया गया, जिससे नया टेंडर निकालने की प्रक्रिया से समय की बचत हुई।
प्रोजेक्ट का लंबा और उलझा सफर
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब इसे 500 करोड़ रुपये के बजट के साथ लॉन्च किया गया था। लेकिन, बार-बार सरकारें बदलने और प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह प्रोजेक्ट बीच में ही अटक गया। पूर्व मेयर राकेश राठौर के कार्यकाल में पुराने स्टेडियम को जल्दबाजी में तुड़वा दिया गया, जो बाद में एक बड़ी गलती साबित हुई। इसके बाद भी यह प्रोजेक्ट वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
2022 में जालंधर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इसे 77 करोड़ की लागत से फिर शुरू किया, लेकिन टेंडर लेने वाली कंपनी ने सिर्फ चारदीवारी बनाकर हाथ खड़े कर दिए। नतीजतन, 2023 में टेंडर रद्द कर कंपनी की 4 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त कर ली गई। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा, लेकिन मेयर वनीत धीर की पहल से एक बार फिर प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित किया गया।
बनने जा रही सुविधाएं:
- आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम
- एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड
- 7-साइड फुटबॉल ग्राउंड
- वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, योगा व जूडो हॉल
- मल्टीपर्पज इंडोर स्पोर्ट्स हॉल
- स्केटिंग रिंक, साइकिल व जॉगिंग ट्रैक
- जिमनास्टिक सुविधाएं, पार्किंग व ग्रीन जोन
बर्ल्टन पार्क: इतिहास और हरियाली की धरोहर
1955 में स्थापित बर्ल्टन पार्क जालंधर का प्रतिष्ठित खेल स्थल रहा है। यहां भारत-पाकिस्तान का टेस्ट मैच (1983) और वनडे (1981, 1994) जैसे ऐतिहासिक मुकाबले हो चुके हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव, जावेद मियांदाद जैसे दिग्गज यहां खेल चुके हैं। यह पार्क शहर का ‘ऑक्सीजन चैंबर’ भी कहलाता है, क्योंकि इसमें सैकड़ों साल पुराने पेड़ हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से हरियाली को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
शहरवासियों को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देगा, बल्कि जालंधर के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को इसका राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।
