मंडी, धर्मवीर ( (TSN)- श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक के 25 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आज इनकी हड़ताल का तीसरा दिन था। आज भी इन्होंने ओपीडी में किसी भी तरह की सेवाएं नहीं दी। हालांकि यह सभी अमरजेंसी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन बाकी सेवाओं का पूरी तरह से बहिष्कार कर रखा है।
तीन महीनों से नहीं मिला है वेतन, तीन दिनों से हड़ताल पर हैं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर
जूनियर रेजिडेंट डाक्टर नमन शर्मा ने बताया कि बीते 3 महीनों से इन्हें किसी भी तरह का वेतन सरकार की तरफ से नहीं दिया गया है। जिस कारण इन्हें अपना गुजर-बसर करने और पढ़ाई को जारी रखने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल पर जाने के कारण जहां मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं इनकी पढ़ाई पर भी विपरित प्रभाव पड़ रहा है। बता दें कि जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सरकार की तरफ से स्टाइपेंड के रूप में मासिक वेतन दिया जाता है। यह स्टाइपेंड इन्हें अपनी पढ़ाई को जारी रखने के साथ-साथ इनके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के लिए दिया जाता है। लेकिन बीते तीन महीनों से इन्हें यह वेतन नसीब ही नहीं हुआ है।
मेडिकल कॉलेज नेरचौक की जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. सौरव रत्न ने बताया कि उनकी इस हड़ताल में सभी सीनियर डॉक्टर और अन्य डॉक्टरों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। सभी काले बिल्ले लगाकर काम कर रहे हैं। सरकार को इस बारे में सूचित कर दिया गया है लेकिन अभी तक न तो कोई जबाव आया है और न ही स्टाइपेंड दिया गया है। इन्होंने सरकार से इस स्टाइपेंड को जल्द से जल्द जारी करने की गुहार लगाई है। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो फिर भविष्य में और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना, सरकार के ध्यान में है मामला, जल्द होगा समाधान
श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक के कार्यकारी प्रधानाचार्य डा.राकेश कुमार ने बताया कि वेतन न मिलने की जानकारी सचिव स्वास्थ्य के माध्यम से सरकार तक पहुंचा दी गई है और इसके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।बता दें कि प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रह हैं लेकिन उन सभी को स्टाइपेंट के रूप में दिया जाने वाला वेतन नियमित रूप से मिल रहा है। सिर्फ मेडिकल कालेज नेरचौक के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को ही वेतन नहीं मिल रहा, जिसके चलते अब ये सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
