यमुनानगर (एकता): प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक कपालमोचन मेले में कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। बता दें कि रविवार को रात 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं ने सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद उन्होंने दीपदान किया। जानकारी के मुताबिक कपालमोचन में गुरुद्वारा पहली एवं 10वीं पातशाही, गऊ बच्छा मंदिर, गुरु रविदास मंदिर, सूरजकुंड कुंड पर बाबा दूधाधारी की समाधि पर माथा टेका।

खास बात यह है कि 4 दिनों में कपालमोचन में करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। आज यानि सोमवार को 27 नवंबर को मेले का समापन होगा। वहीं दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी रविवार सुबह से व्यवस्थाएं बनाने में जुटा रहा।

पुलिस को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोगों से भी जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद की अपील की। इसके बाद सरोवरों किनारे दीए जलाकर मन्नतें मांगी। 12 बजे गुरुद्वारा साहिब पहली एवं 10वीं पातशाही में आतिशबाजी के साथ कार्तिक पूर्णिमा का स्नान शुरू किया। मेला में आए सभी श्रद्धालुओं को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व और कार्तिक पूर्णिमा की बधाई देते हुए उनके लिए मंगल कामना की।
