दिल्ली (एकता): आजकल हर कोई विदेश में पढ़ाई करना पसंद करता है। Indian student अपना करियर बनाने के लिए विदेश में बसने लगे हैं। खास बात यह है कि विदेश में पढ़ने का सिलसिला कोई आज का नहीं है। यह परंपरा सदियों से ही चली आ रही है। कहते हैं कि जहां से अच्छी शिक्षा मिले, लेते रहो। चाहे वह जगह देश में हो या फिर विदेश में। आज भारतीय छात्रों की पहली पसंद America बना हुआ है। इतना ही नहीं उन्होंने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि लाखों भारतीय यूरोप और अमरीका सहित पूरी दुनिया में शिक्षा हासिल कर रहे हैं। जो कि गर्व की बात है। सूत्रों के मुताबिक यही वजह है कि आज गूगल-माइक्रोसॉफ्ट सहित दुनिया की तमाम दिग्गज कंपनियों की कमान भारतीय लोगों के हाथ में है। यह लगातार तीसरा साल है, जब भारतीय छात्रों को अमरीका जाकर पढ़ने का विकल्प सबसे सही लगा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अमरीका में कुल 10 लाख विदेशी छात्रों में 25 फीसद भारतीय हैं। जो कि वहां पढ़ाई कर रहे हैं।

जानिए क्यों अमरीका बना पहली पसंद
जानकारी के मुताबिक उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की पहली पसंद अमरीका है। यह रुझान लगातार तीन साल से ऐसे ही बरकरार है। साल 2022-23 में यह संख्या 2.68 लाख छात्रों से भी ज्यादा हो चुकी है। यानि कि देश में हर चौथा विदेशी स्टूडेंट अब भारतीय बन अपनी जिंदगी आराम से गुजार रहा है।

चीन को भी छोड़ा पीछे
खास बात भारतीय छात्रों ने अमरीका में चीन के छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय छात्रों की संख्या 2009-10 के मुकाबले 63 फीसद बढ़कर 1.65 लाख से भी ज्यादा हो चुकी है। साथ ही ऑप्टिकल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) लेने वाले भारतीयों की संख्या भी सबसे ज्यादा 69062 हो चुकी है।
यह अपने आप में एक रिकॉर्ड
गौरतलब है कि US Embassy और काउंसलेट ने जून-अगस्त 2023 के दौरान सभी श्रेणियों में हजारों भारतीय छात्रों को वीजा जारी किया था। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। जिसके बाद भारतीय छात्रों और उनके परिजनों को धन्यवाद दिया गया।
