Shimla,12 May(TSN)-हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में जारी एक बयान में राज्य सरकार को सिंचाई उपयोग हेतु बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी पर आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसान जो पहले 500 यूनिट बिजली पर मात्र 300 रुपये चुकाते थे,अब उन्हें 2800 रुपये तक का बिल भरना पड़ रहा है।यह वृद्धि न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि किसानों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने वाली है।
बिजली बिलों में कई गुना बढ़ोतरी,सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार यदि दूध के दामों में मामूली वृद्धि करती है तो उसका प्रचार पूरे प्रदेश में होर्डिंग्स और पोस्टरों के ज़रिए किया जाता है,लेकिन जब किसानों पर बिजली का आर्थिक बोझ डाला जाता है तो सरकार खामोश क्यों रहती है? क्या यही कांग्रेस की चुनावी गारंटियाँ थीं?
कांग्रेस सरकार ने किसानों को दिए झूठे सपने
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने दावा किया था कि 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।लेकिन सत्ता में आते ही न केवल यह वादा भुला दिया गया,बल्कि बिजली दरों में जबरदस्त बढ़ोतरी कर दी गई है।यह जनता से धोखा है और हिमाचल की जनता इसे भूलेगी नहीं।
गरीब और किसान पर शुल्क लगाना अमानवीय निर्णय
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे देश में किसानों को सिंचाई हेतु सब्सिडी मिलती है और हिमाचल में भी यह परंपरा रही है। लेकिन वर्तमान सरकार ने बिना सोचे-समझे यह राहत छीन ली है।मुख्यमंत्री को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। जनहित के मुद्दों की अनदेखी प्रदेश के लिए घातक सिद्ध हो सकती है।
विपक्ष का स्पष्ट संदेश–जनविरोधी नीतियों का विरोध जारी रहेगा
भारतीय जनता पार्टी किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाएगी।सरकार को चेतावनी देते हुए ठाकुर ने कहा कि यदि शीघ्र ही बिजली दरों पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
