Nurpur,Sanjeev(TSN)-हाल ही में श्रीनगर के पहल गांव में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया था।सीमावर्ती राज्यों—जम्मू-कश्मीर,हिमाचल प्रदेश और पंजाब—को हाई अलर्ट पर रखते हुए सीमाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। ऐसे समय में श्रीनगर में पढ़ाई कर रहे हिमाचल प्रदेश के छात्रों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की विशेष बसों को श्रीनगर भेजा और वहां फंसे छात्रों को सकुशल बाहर निकाला। इन छात्रों में नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के सुखार गांव की अवंतिका सिंह भी शामिल थीं, जो श्रीनगर के शालीमार स्थित बीएससी हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।
प्रदेश सरकार ने युद्ध जैसे हालात में छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की
अवंतिका सिंह ने बताया कि उस समय श्रीनगर में भय और अनिश्चितता का माहौल था,लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों का पूरा ध्यान रखा।10 मई को उन्हें जम्मू भेजा गया,जहां हिमाचल प्रदेश सरकार ने सुरक्षित ठहरने और भोजन की उचित व्यवस्था की।अगले ही दिन एचआरटीसी की बसों से सभी छात्र-छात्राओं को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाया गया।अवंतिका ने सरकार की तत्परता की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे कठिन समय में प्रदेश सरकार और परिवहन निगम ने जो सहायता की,वह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत थी। हम इसके लिए हृदय से आभारी हैं।”
