मंडी, धर्मवीर ( TSN)- दीपों के त्योहार दिपावली को लेकर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छोटी काशी मंडी में बाजार पूरी तरह से सज चुकें हैं। शहर में उमड़ी भीड़ से अंजादा लगाया जा ही सकता है कि इस पर्व को मनाने के लिए मंडीवासी कितने उत्साहित हैं। मंडी शहर की बात करें तो बाजारों मे फूल-मालाएं, मिट्टी के दिए, मोमबत्ती, देवी लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमाएं, पूजा सामग्री और अन्य तरह के सजावअी समान से बाजार सराबोर हैं। बुधवार को भी बाजारों में खूब भीड़ रही और लोग त्योहारों के चलते सामान खरीदते नजर आए।
शहर में भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक प्लान में भी आंशिक रूप से किया गया है बदलाव
वहीं दुकानदारों को भी त्योहारों के इस सीजन में अच्छी आमदनी की उम्मीद है। इसके साथ ही मिठाइयों और गिफ्ट पैक्स की दुकानों में भी खूब भीड़ देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिपावली दीपों और रोशनी का त्योहार है और इसे सभी को खुशी खुशी मनाना चाहिए। स्थानीय निवासी मनीष बतातें हैं कि रोशनी करना और दीप जलाना पूरे भारतवर्ष में होता है लेकिन मंडी में घास से बने जिन्हें स्थानीय भाषा में कहूए भी कहते हैं को सिर के उपर से जलाकर घुमाने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं, ऐसी मान्यता है। वहीं व्यापारियों का भी कहना है कि त्योहारों के सीजन में उन्हें जनता से काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है और लोग पर्यावरण प्रेमी दिवाली बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कुछ समय के लिए आंशिक बदलाव भी किए जा रहे हैं।
बता दें कि दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन बुराई के प्रतीक लंका के रावण को मारकर भगवान श्री राम इस दिन माता सीता सहित अयोध्या वापिस लौटे थे। इस दिन अयोध्या वासियों ने घी के दीप जलाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद से ही इस दिन को पूरे देश में दिवाली के रूप में बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाता है।
