मोनिका रावत,पंचकूला-:घग्गर नदी में अवैध खनन रोकने पहुंची पंचकूला पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले पुलिस टीम पर पथराव किया और फिर भागने के दौरान पुलिस की जिप्सी पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश कर दी।इस हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अवैध खनन में इस्तेमाल ट्रैक्टर-ट्रॉली व उपकरण जब्त कर लिए हैं।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि सेक्टर-25 चौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-28 स्थित घग्गर नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अवैध खनन किया जा रहा है।सूचना पर पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची तो चार युवक अवैध रूप से खनन सामग्री भरते मिले।पुलिस को देखते ही आरोपियों ने टीम पर पथराव शुरू कर दिया और ट्रैक्टर लेकर फरार होने लगे। पीछा करने पर उन्होंने ट्रॉली में भरी खनन सामग्री रास्ते में गिरा दी ताकि पुलिस का रास्ता रोका जा सके। जब पुलिस ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने ट्रैक्टर से पुलिस की जिप्सी को सीधी टक्कर मार दी।जिप्सी क्षतिग्रस्त हो गई और सिपाही अंकित कुमार वाहन से नीचे गिरकर घायल हो गया। घायल पुलिसकर्मी को प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसीएच सेक्टर-32,चंडीगढ़ रेफर किया गया,जहां उसका उपचार किया गया।पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और माइनिंग एक्ट की धारा-21 के तहत थाना चंडीमंदिर में केस दर्ज किया है। जांच के दौरान ट्रैक्टर चालक जसविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने गुरजीत सिंह उर्फ बबलू, दीपक और सोनू उर्फ बिहारी के साथ मिलकर अवैध खनन करने की बात कबूल की।
आरोपी की निशानदेही पर सेक्टर-25 चौकी प्रभारी रामू स्वामी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पंजाब के गांव ककराली में दबिश देकर तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में गुरजीत सिंह, जसविंद्र सिंह और सोनू ककराली (मोहाली) के निवासी हैं,जबकि दीपक सेक्टर-17 राजीव कॉलोनी का रहने वाला है।जांच में सामने आया है कि आरोपी गुरजीत सिंह के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला और जसविंद्र सिंह के खिलाफ स्नैचिंग का एक मामला दर्ज है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि जिले में अवैध खनन करने वालों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
