Shimla,4 May(TSN)–हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आया है।डिप्टी सीएम द्वारा सोशल मीडिया पर की गई तीखी टिप्पणी ने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है।भाजपा ने इस बहाने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच लंबे समय से जारी संवादहीनता पर सवाल उठाए हैं।उन्होंने कहा,“जनता को जवाब चाहिए कि आखिर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चार महीनों से बातचीत क्यों बंद है?”राणा ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री को जानबूझकर प्रशासनिक निर्णयों से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि HRTC केवाईसी चेयरमैन की नियुक्ति और रोपवे प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण मामलों में डिप्टी सीएम की राय नहीं ली गई।
पूर्व विधायक ने यह भी खुलासा किया कि मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण फाइलें एक अन्य मंत्री को निजी हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजी,जिससे यह स्पष्ट होता है कि फैसले जल्दबाज़ी और एकतरफा लिए जा रहे हैं।उन्होंने बल्क ड्रग पार्क के टेंडर “चहेते” लोगों को दिए जाने और डिप्टी सीएम के विभागों में अधिकारियों के तबादले बिना सूचना के किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।राणा ने चेतावनी दी कि यदि यह टकराव जारी रहा तो यह भीतर ही भीतर सरकार को कमजोर कर सकता है और किसी बड़े राजनीतिक संकट की नींव रख सकता है।
