बिलासपुर, सुभाष ठाकुर ( TSN)– बिलासपुर जिला प्रशासन ने गोविंद सागर झील में पर्यटन अनुभव को और रोमांचक बनाने के लिए पैरासेलिंग गतिविधियों की शुरुआत का निर्णय लिया है। दिल्ली की एक प्रमुख कंपनी, जो वर्तमान में टिहरी में अपनी सेवाएं दे रही है, को इस परियोजना के तहत ट्रायल संचालन के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कंपनी अगले दो महीनों तक झील में पैरासेलिंग गतिविधियों का संचालन करेगी। यह जानकारी उपायुक्त (डीसी) बिलासपुर, आबिद हुसैन सादिक ने दी।
जिला प्रशासन ने परियोजना के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां प्रदान कर दी हैं। कंपनी दिसंबर के पहले सप्ताह में अपनी पैरासेलिंग बोट्स को बिलासपुर लाएगी, जिसके बाद ट्रायल चरण शुरू होगा। इस दौरान एक तकनीकी समिति गतिविधियों की निगरानी करेगी। ट्रायल रिपोर्ट के आधार पर जिला नियामक समिति स्थायी संचालन के लिए अनुमति देगी।गोविंद सागर झील में पहले से मौजूद क्रूज और शिकारे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। अब इन गतिविधियों में पैरासेलिंग को शामिल करने से झील की लोकप्रियता और बढ़ेगी तथा बिलासपुर को जल रोमांच गतिविधियों का केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
पैरासेलिंग की यह पहल न केवल रोमांच प्रेमियों को आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर जिले को जल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। डीसी बिलासपुर के अनुसार, इस कदम से झील के आसपास होटल, रेस्तरां और हस्तशिल्प जैसे सहायक उद्योगों में भी विकास होगा।भविष्य में झील में और भी जल क्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने की योजना है। यदि ट्रायल सफल होता है, तो पैरासेलिंग को स्थायी रूप से झील की आकर्षण सूची में शामिल किया जाएगा। इसके लिए औपचारिक परमिट जारी किए जाएंगे और संचालन के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार किया जाएगा।
