करनाल : चन्द्रिका ( TSN)-हरियाणा के विभिन्न विभागों में जुड़े कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग लगातार करते हुए नजर आ रहे हैं। 2024 चुनाव सिर पर है, उसके बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में कर्मचारियों की मांग अगर पूरी नहीं की गई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।आज करनाल की कर्ण पार्क में हरियाणा पेंशन बहाली समिति द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में यह बात कही गई और आगामी रणनीति भी तैयार की गई।
हरियाणा पेंशन बहाली संघर्ष समिति के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए हरियाणा के सभी विभागों के कर्मचारी 19 फरवरी 2023 को पंचकूला में और 11 फरवरी 2024 को जींद में खुले मंच से शपथ ले चुके हैं कि उनके परिवार और रिश्तेदार कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की बहाली के लिए वोट करेंगे। राज्य अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि जैसे ही आदर्श चुनाव आचार संहिता देश और प्रदेश से समाप्त होगी। उसके तुरंत बाद एक बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। विधानसभा चुनाव तक चलने वाले आर पार के संघर्ष का आगाज होगा। इसमें संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश के कर्मचारी सीधे तौर पर सरकार से टकराने का काम करेंगे। धालीवाल ने कहा कि हरियाणा मैं पुरानी पेंशन स्कीम के तहत लगभग 90 हजार कर्मचारी व 2 लाख 10 हजार नए कर्मचारी के साथ साथ 2 लाख के करीब कच्चे कर्मचारी है, लगभग 5 लाख कर्मचारियों का वोट उस पार्टी को जाएगा जो पेंशन को बहाल करेगा। धालीवाल ने यह भी कहा कि मुख्य विपक्ष ने हमे आश्वासन दिया है कि अगर उनकी सरकार आती है तो पहले कैबिनेट बनते ही पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाएगी.हालांकि जेजेपी पार्टी के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा भी पिछली बार कर्मचारियों को पेंशन बहाली का लिखित रूप में आश्वासन दिया गया था।
